बाराबंकी - देश के अच्छे नागरिक किसी फौजी को परेशान नही देख सकते ऐसा ही एक वाकया गंगा सतलज ट्रेन में हुआ जनपद निवासी एक मुसाफिर ने सबसे पहले उसे खाना खिलाया इसके बाद अपने सारे पैसे उस फौजी को दे दिए जिसकी पर्स बैग सब कुछ चोरी हो जाने के बाद वह कंगाल होकर मायूस बैठा था। हाजी अफजाल की इस मोहब्बत से खुद्दार फौजी की आंखे नम हो गयी ।पाकिस्तान बार्डर पर तैनात है बीएसएफ जवानत्रिलोकपुर स्थित कस्बा सुधीयमऊ निवासी हाजी अफजाल अंसारी विजनेस के सिलसिले में पंजाब के लुधियाना से सोमवार को गंगा सतलज ट्रेन से बाराबंकी लौट रहे थे एस 10 बोगी की सीट नम्बर 57 पर बैठे हाजी ने 63 नम्बर सीट पर बैठे एक फौजी को उदास देख कर उसके पास गए तो जवान ने बताया कि कुछ देर पहले उसकी बैग और पर्स चोरी हो गयी जिदमे पैसे और डेबिट क्रेडिट कार्ड समेत महत्वपूर्ण कागजात रखे थे सब चले गए बताया कि हमे अभी लंबा सफर तय करके धनवत कोलकत्ता से 50 किलोमीटर दूर बंलादेश बार्डर पर अपने गांव जाना है। बताया कि पंजाब के फिरोजपुर कैंट बार्डर पर तैनात है। फौजी की सारी बात सुनकर युवा हाजी ने भयर पेट भोजन खिलाया और बाराबंकी स्टेशन उतारने से पूर्व बाकी बचे 2250 रुपया जवान के हाथ पर रखते हुए कहा आप इतने पैसे में आराम से अपने बच्चों के पास पहुच जाओगे । राह चलते इस तरह का मददगार पाकर जवान की आंखे नम हो गयी और प्यार से दोनो लोगो साथ मे सेल्फी ली एक दूसरे के कांटेक्ट नम्बरो का आदान प्रदान के बाद विदा हो गए। इस बाबत हाजी अफजाल अंसारी ने बताया कि हम एक फौजी को दुखी नही देख सकते ।
रिपोर्ट - निजामुद्दीन हाशमी
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