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बहराइच जिले की विधायक व उत्तर प्रदेश सरकार की बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल की कुमकर्णी नींद आखिरकार टूट ही गया। 50 दिनों में हुए 80 मासूमों की मौत के बाद मंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और दो सगे भाइयों की हुई मौत के बाद उनके घर पहुँच कर ढांढस बंधाया। 
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। बच्चों का इलाज जमीन पर हो रहा है तो कही एक बेड पर तीन मासूम इलाज कराने को मजबूर है। ऐसे हालात तब है जब यह जिला बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल का गृह जनपद है। यही नही मंत्री के आवास से जिला अस्पताल की दूरी मात्र 200 मीटर है बाउजूद इसके अभी तक मंत्री को बच्चे की हो रही मौत का सुध लेने को समय नही मिला। मीडिया में मामला तूल पकड़ता देख मंन्त्री ने समय के नजाकत को भांपते हुए तुरंत पीड़ित के घर पहुची और उन्हें ढांढस बंधाया। मृतक बच्चों के परिजनों को उनके आवास व घर मे शौचालय बनाने के अधिकारियों को निर्देश दिया। 
पीड़ित के घर से मंत्री सीधे जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में पहुँची और कैमरे के फ़्लैश को चमकता देख वह हर बच्चे से अपनापन दिखाते हुए हालचाल पूछा। तीमारदारों से सही इलाज होने की बात पूछी। सीएमओ व सीएमएस को बेहतर  इलाज करने के निर्देश दिए।  बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अब अस्पताल में सभी बच्चो का उपचार हो रहा है। डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है। नए भवन में भी मरीज भर्ती है जहाँ पर उनका उपचार चल रहा है। दो सगे भाइयों की हुई मौत की जानकारी मिलते ही मैं उनके घर पहुँच कर परिजनों से मिली। अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द उनको आवास व शौचालय बनाने के निर्देश दिए है। 

रिपोर्ट - राजकुमार 

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