मीरजापुर - अहरौरा स्थानीय थाना क्षेत्र के माँ भंडारी देवी की ऐतिहासिक डोला यात्रा निकाली गयी। इस यात्रा में लगभग बीस हजार लोग शामिल रहे।व व्यवस्था की पूरी निगरानी के साथ अहरौरा थाना एस0ओ0 मनोज,आलोक सिंह का0मुरलीधर राय सहित कई कांस्टेबल रहे मौजूद। माँ भंडारी डोली मे बैठकर अपने नैहर राजा बाबा का पहाड़ से अपने भैया राजा कर्णपाल के यहाँ से विदा लेती है और अपने ससुराल भंडारी देवी पहाड़ पर आती हैं । यह यात्रा शिऊर से प्रारम्भ होकर भगवानपुर, बेलखरा,कटरा,जुड़ई मिसिर पोखरा आदि से होते हुए चुंगी पहुचती है । इस यात्रा के दौरान माँ भंडारी अपनी बहन माँ शीतला के यहाँ एक रात रुकती है इस यात्रा मे सात जोड़ बाजा और सात जोड़ कहांर रहते हैं । डोली के अंदर केवल नारियल और चुनरी रहता है फिर भी कहार लोग के कंधे छिल जाते है कभी - कभी माँ किसी कारणवस नाराज हो जाती है तो डोली से वापस अपने नैहर राजा के यह चली जाती है । जब कहार डोली उठाते है तो डोली एकदम हल्की हो जाती है। तब भक्त लोग फिर राजा बाबा के पहाड़ पर जाकर माँ से डोली में बैठने की मिन्नत करते है। यह एक इतिहास रहा ।
यह यात्रा पूरा होने के बाद उसी माँ भंडारी के पहाड़ पर पूरे एक महीने सावन में मेला लगता है|
रिपोर्ट-सूरज केशरी
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