बहराइच- प्रदेश में चयनित आकांक्षात्मक जनपदों में 01 जून से 15 अगस्त 2018 तक संचालित होने वाले ग्राम स्वराज अभियान के द्वितीय चरण के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से शनिवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने बताया कि द्वितीय चरण के लिए जनपद के 1031 ग्रामों का चयन किया गया है। उन्होंने आकांक्षात्मक योजनाओं यथा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास इत्यादि से सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय कार्ययोजना तैयार कर उसे क्रियान्वित करने की कार्यवाही भी प्रारम्भ कर दें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ग्राम स्वराज अभियान के द्वितीय चरण के लिए चयनित ग्रामों के विद्यालयों का विद्युतीकरण, स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता के साथ-साथ सभी अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं को समय से पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित कराया जाय। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि चयनित ग्रामों को दूरभाष तथा इण्टरनेट सुविधा से भी आच्छादित किया जाय, ताकि सूचना क्रांति के इस युग में संचार माध्यमों के अभाव में सभी चयनित ग्राम, विकास से वंचित न रहने पायें। उन्होंने निर्देश दिया कि आकांक्षात्मक जनपद के लिए निर्धारित किये गये सभी इन्डीकेटर्स में चयनित ग्रामों को समानुपातिक रूप से आच्छादित किया जाय।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि द्वितीय चरण अन्तर्गत चयनित ग्रामों में चैपाल का आयोजन कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, उजाला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मिशन इन्द्रधनुष, स्टार्ट अप इण्डिया, स्टैण्ड अप इण्डिया, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, राशन कार्ड, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हेतु शादी अनुदान योजना, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हेतु निःशुल्क बोरिंग योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के साथ-साथ स्वास्थ, शिक्षा, कृषि एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर से सम्बन्धित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करायें ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि केन्द्र सरकार इस बात के लिए दृढ़ संकल्पित है कि विकसित और पिछड़े जनपदों के बीच की खाईं को वर्ष 2022 तक समाप्त कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ, कृषि, इन्फ्रास्ट्रक्चर इत्यादि के क्षेत्र में तरक्की के माध्यम से ही जनपद को अग्रणी जनपद की श्रेणी में लाया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों का आहवान्ह किया कि उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए बेहतर प्रबन्धन एवं कार्ययोजना के साथ कार्य करें ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय से प्राप्त कर लिया जाय।
उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को ध्यान में रखकर क्रियान्वित करें। उन्होंने टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के प्रति जनजागरूकता के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार किये जाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विकासपरक योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन कराते समय गुणवत्ता को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान की जाय।
जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों का विभिन्न प्रचार माघ्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार होने से लोग स्वयं इनका लाभ लेने के लिए आगे आयेंगे। जिससे विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन में आसानी होगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राहुल पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार यादव, उप जिलाधिकारी कैसरगंज पंकज कुमार, मिहींपुरवा (मोतीपुर) के कुॅवर वीरेन्द्र मौर्य, पयागपुर के डा. संतोष उपाध्याय, महसी के गुलाम सरवर, लीड बैंक प्रबन्धक श्रवण कुमार, सीएमएस डा. ओ.पी. पाण्डेय सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट- राजकुमार श्रीवास्तव,

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