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अब्दुल करीम और कुछ ख़ास क़िस्म के 'कुत्ते', योगी जी की सरकार में बेचैन होकर अचानक सक्रिय हो उठे हैं, 

   बीजेपी विधायकों को धमकी भरे मैसेज मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से एक एसआईटी का गठन कर दिया गया है. मामले में एसटीएफ से लेकर एटीएस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां तक जांच कर रही हैं. मामले में दाउद इब्राहिम से लिंक जुड़ रहे हैं. इस पर बीजेपी ने गुरुवार कहा कि योगी सरकार में दाउद इब्राहिम से लेकर डाकू अब्दुल करीब और कुछ खास किस्म के 'कुत्ते' अचानक सक्रिय हो उठे हैं.
      बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने गुरुवार को ट्वीट किया है कि दाउद इब्राहिम से लेकर डाकू अब्दुल करीम और कुछ ख़ास क़िस्म के 'कुत्ते', योगी जी की सरकार में बेचैन होकर अचानक सक्रिय हो उठे हैं, पर सरकार इन सबका इलाज वैसे ही कर रही है जैसे पागल कुत्तों का होना चाहिए.
    उधर उत्तर प्रदेश के एडीजी (एलओ) आनंद कुमार ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायकों से रंगदारी मांगने के मामले को यूपी पुलिस ने गंभीरता से लिया है. खुफिया एजेंसियां और एसटीएफ रंगदारी से संबंधित सभी शिकायतों पर तत्परता से काम कर रही हैं. मामले में तेजी से जांच करने के लिए तीन सदस्यों की एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन कर दिया गया है.
     एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमिताभ यश को तीन सदस्यीय एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है. उनके साथ टीम में एटीएस के एसएसपी जोगेंद्र और एसटीएफ के एसपी त्रिवेणी सिंह को शामिल किया गया है. यह टीम मामले पर कार्रवाई और जांच के संबंध में जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देने का काम करेगी.
अब तक इन विधायकों को मिल चुकी है धमकी
1. अनीता लोधी, बुलंदशहर
2. शशांक त्रिवेदी, सीतापुर
3. लोकेंद्र प्रताप सिंह, लखीमपुर खीरी
4. वीर विक्रम सिंह, शाहजहांपुर
5. मानवेंद्र सिंह, शाहजहांपुर
6. विनय द्विवेदी, गोंडा
7. प्रेम नारायण पांडे, गोंडा
8. श्याम बिहारी लाल, बरेली
9. विनोद कटियार, कानपुर देहात
10. मानवेंद्र सिंह, शाहजहांपुर
11. आरके शर्मा, बदायूं
12. रजनीकांत मणि त्रिपाठी, कुशीनगर
13. साकेंद्र वर्मा, विधायक, बाराबंकी
14. धीरेंद्र बहादुर सिंह, रायबरेली

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