लखनऊl उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकार की नाक के नीचे मीट व्यवसाई नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं गोमती नगर क्षेत्र में स्थित उजरिया गांव में संचालित हो रही मीट की दुकानों की।
यूपी सरकार ने मीट की दुकानें संचालित करने के लिए कुछ नियम निर्धारित किए हैं, लेकिन लखनऊ के उजरिया गांव में संचालित मीट की दुकानों में इन नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से व्यापार किया जा रहा है यहां स्थित एक दुकान में जानवर को काटने के बाद खुले रूप से लटकाया जाता है इसमें गोश्त को न तो कपड़े से ढका जाता है ना ही सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा, दुकान में नियमों की अनदेखी न सिर्फ दुकानदार कर रहे हैं बल्कि इलाकाई पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर और नियमों की धज्जियां उड़ा कर व्यवसाय से लाखों की कमाई की जा रही है, नगर निगम के अधिकारी भी शासनादेश के अनुपालन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं पी न्यूज़ खबरों का बादशाह ने जब दुकान पर नजर डाली तो यहां नियमों के विपरीत कारोबार होता देखा।
वहीं उत्तर प्रदेश में मीट कारोबारियों पर योगी सरकार की सख्ती बरकरार है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुकालात के बाद मीट कारोबारियों ने हड़ताल भले ही वापस ले ली हो लेकिन इस संबंध में उन्हें कई नए नियम जारी किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें मंदिर या सब्जी बाजार के पास मीट की दुकान न होने के दिशानिर्देश समेत करीब 17 नियम हैं। सरकार का कहना है कि ये कोई नए नियम नहीं है बल्कि पहले की ही गाइडलाइंस है जिन्हें दोबारा जारी किया गया है।
ये हैं मीट बिक्री को लेकर सरकार के कुछ नए नियम.....
1- मीट की दुकान किसी भी धार्मिक जगह से पचास मीटर के दायरे में नहीं होनी चाहिए।
2- सब्जी बाजार के पास भी कोई मीट शॉप नहीं होनी चाहिए।
3- दुकानों के बाहर पर्दे या गहरे रंग के ग्लास की भी व्यवस्था हो ताकि जनता को नजर न आए।
4- मीट शॉप में काम करने वालों के पास हेल्थ सर्टिफिकेट होना चाहिए।
5- शहरी क्षेत्रों में नगर निगम का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट होना चाहिए। इसके अलावा फूड सेफ्टी और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की एनओसी भी होनी चाहिए।
6- ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत, सर्किल ऑफिस और फूड सेफ्टी विभाग से एनओसी होनी चाहिए।
7- चाकू, छूरी या किसी भी प्रकार के औजार स्टील के बने होने चाहिए।
8- किसी बीमार, गर्भधारित पशु को नहीं काटा जाएगा। बूचड़खाना परिसर की नियमित साफ-सफाई करनी होगी।
9- बूचड़खाने से मीट को सिर्फ फ्रीजर में रखकर ही ट्रांसपोर्ट किया जाए।
10- बूचड़खानों में गीजर लगा होना चाहिए।
11- दुकानदार जानवरों या पक्षियों को दुकान के अंदर नहीं काट सकते।
12- मीट की क्वॉलिटी को किसी पशु डॉक्टर से प्रमाणित कराना होगा।
13- मीट के दुकानदारों को हर छह महीने पर अपनी दुकान की सफेदी करानी होगी।
14- उनके चाकू और दूसरे धारदार हथियार स्टील के बने होने चाहिए।
15- मीट की दुकानों में कूड़े के निपटारे के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
16- बूचड़खानों से खरीदे जाने वाले मीट का पूरा हिसाब-किताब भी रखना होगा।
17- एफएसडीए के किसी मानक का उल्लंघन होते ही लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
आलमदार आब्दी,
संवाददाता पी न्यूज़ लखनऊ.


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