फैजाबाद, बारावंकी, इलाहाबाद, जौनपुर, भदोही, रायबरेली, प्रतापगढ़ इत्यादि जगहों पर कैंप लगा ठगा जा रहा लोगों को.....
लखनऊ।। आप ने अक्सर देखा होगा कि लगभग हर शहर मोहल्लो की सड़कों के किनारे अपना-अपना तम्बू सजाकर बैठे सड़क छाप बहेलिया डाक्टरों को ये हैं सब फ्राडिया 420, इनको किसी के सेहत और इलाज से कोई मतलब नहीं, इनका पेशा है भोली-भाली जनता को बेवकूफ बना किसी भी तरह से पैसा कमाना, जिसके लिए ये सभी बहेलिये योजना मुताबिक अपनी आयुर्वेदिक डुब्लिकेट दवाएं कई मेडिकल स्टोरों पर रखते हैं, और जगह-जगह पर अपना कैम्प रोड किनारे लगाकर जनता को बेवकूफ बनाते हैं। अपनी लिखी हुई दवाएं मेडिकल से दिलवाते हैं। जनता बेचारी सोचती है कि मेडिकल से दवा लिया है तो दवा अच्छी होगी फायदा करेगी, लेकिन ये सारी की सारी दवाएं डुब्लिकेट होती हैं, मैडिकल स्टोरों के द्धवारा इनके लिखे पर्चे पर दीगयी दवावों मे से 90 प्रतिशत पेमेंट कमीशन के तौर पर खुद कैंप वाले वापस ले लेते हैं। 10 प्रतिशत ही मेडिकल वाले को मिलता है। ये कैंप लगाने वाले हमेसा गरीब बनने का नाटक करते हैं। और लोगो का इलाज करने के बहाने दस-दस लाख रुपए तक ठग लेते हैं। इस धंधे से कई मंत्री अधिकारी भी अछूते नही हैं। अगर समय रहते शासन-प्रशासन संज्ञान ले और सहयोग करे तो ये फ्राड बहुत जल्दी ही जेल के अन्दर होंगे। इस वक़्त ये जौनपुर, बनारस, रायबरेली, सक्ति नगर इत्यादि नगरों में अपना डेरा जमाए हुए हैं। वायरल विडियो में इनकी मंशा है कि ये सब अपने सरदार को एक नामी राजनेता बनाए और देश और आम भोली भाली जनता को लूटकर बर्बाद कर सके। ये बहेलिये डाक्टर मुख्यरूप से अपनी दवाएं लखनऊ से आयुर्वेदिक व भस्म इत्यादि दुबग्गा व तेलीबाग से उठवाते हैं। 10 परसेंटे आयुर्वेदिक संस्थानो/मेडिकल स्टोरो को कमीशन देते हैं और 90 प्रतिशत अपना स्वयं रिटर्न ले लेते है।
रिपोर्ट - विजय मिश्र!
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