दीपावली और धनतेरस की के बाजार में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रही है ग्राहकों को लुभाने के लिए ज्वैलर्स से लेकर बर्तन बाजार, इलेक्ट्रॉनिक सामानों के अलावा कपड़ा के विभिन्न रेंज जुटाई गई है पूजन के लिए मिट्टी के गणेश, लक्ष्मी की मूर्तियों और पूजन सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथ में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन इनकी पूजा के साथ मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और मृत्यु के देवता यमराज की पूजा भी की जाती है। इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है।
विशेषकर पीतल और चाँदी के बर्तन खरीदे क्योंकि पीतल महर्षि धन्वंतरी का अहम धातु माना गया है। इससे घर में आरोग्य, सौभाग्य और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है। व्यापारी धनतेरस के दिन नए बही-खाते खरीदते हैं जिनका पूजन दीवाली पर किया जाता है।
रिपोर्ट- वीरेन्द्र गुप्ता
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