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मैनपुरी- एस.बी.आर.एल विद्यालय में विद्यार्थियों को घर से बची हुयी बेकार वस्तुओं से साज सज्जा की आकर्षक वस्तुओं का निमार्ण करने हेतु कार्य शिक्षा कार्यशाला का आयोजन हुआ।
कार्य शिक्षा - शिक्षा की एक विधि है जिसमें कक्षा में शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को समाजोपयोगी कार्यों की व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है। कार्य शिक्षा को उद्देश्यपूर्ण और सार्थक शारीरिक श्रम माना गया है। जो शिक्षण के अन्तरंग भाग के रूप मे आयोजित किया जाता है। यह अर्थपूर्ण सामग्री के उत्पादन और समुदाय की सेवा के रूप में परिकल्पित होता है। 
जिसके अन्तर्गत विद्यार्थियों ने कोल्ड डिं्रक की पुरानी बोतल से आकर्षक गुलदस्ते, पुरानी सीडी से, मोमबत्ती स्टेंड, रंगीन कागज से तथा बची हुयी ऊन से बन्दन वार, पुरानी चूडि़यों से पेन स्टेंड़, पुराने अखवार की मद्द से फल रखने वाली टोकरियाँ तथा अन्य बहुत सी खूबसूरत चीजें बनाई।
कार्यशाला मे इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि विद्यार्थी घर के बचे हुये पुराने सामान का ही प्रयोग करे। कार्यशाला मे कक्षा 7 की शताक्षी, अंकुर, वैष्नवी, कक्षा 8 से सक्षम, दीपक, कक्षा 9 के कनिष्क गुप्ता, प्यूस गुप्ता, आदि विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा से सभी को चकित कर दिया। 
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्री मति स्तुति गुप्ता ने विद्यार्थियों से संसाधनो का पूर्ण उपयोग करने की तथा पुरानी चीजों को न फेक कर अपितु पुनः उपयोग योग्य बनाने हेतु विनती की साथ ही विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना करते हुये सहायक शिक्षकों का धन्यवाद दिया। 
इस कार्यक्रम के आयोजन में विद्यालय की सीनियर कोर्डिनेटर गुलशन अली, श्री मति रेनू गुप्ता विद्यालय के आर्ट एण्ड क्राफ्ट शिक्षक श्री आदेश तिवारी का विशेष योगदान रहा।

रिपोर्ट- कैलाश गुप्ता 

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