कुशीनगर- सरकार एक तरफ जहा स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का नारा दे रही है, वही शौचालयों के निर्माण करने के लिए सरकारी खजाना खोल रखी है पर कुछ ग्राम प्रधानों के लिए ये कमाई का जरिया बन गया है, जिसका पूरा सहयोग भ्रष्टाचार में लिप्त भ्रष्ट कर्मचारी कर रहे है,
कुशीनगर जिला के आला अधिकारी भले ही ओडीएफ जिला करवाने की वाहा वाही के चक्कर में लगे हो पर इसकी हकीकत अभी कोसो दूर है, जिसका जीता जागता उदाहरण नेबुआ नौरंगिया बिकास खण्ड के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर है, जहा पर वित्तीय वर्ष 2016 और 17 में बनवाये गए 51 शौचालयों की यदि मानक देखा जाए तो एक चौथाई शौचालयो का निर्माण मानकविहीन करवाकर उसका भुगतान करवा लिया गया है जबकि लाभार्थियों से पहले धन उगाही करके, मजदूरी करवाकर, थर्ड क्वालिटी के ईट और घटिया क्वालिटी के सामग्रियों से निर्मित दो टँकी के जगह एक टँकी के अधिकांस शौचालयों में पानी टँकी और टोटी (नल) ही नही लगा है, पूर्व में कुछ जागरूक नौजवानों के द्वारा शौचालय निर्माण में की जा रही अनियमितता को लेकर अनेको बार प्रदर्शन किया जा चुका है, कई बार ग्रामीणों के द्वारा काम भी रोकवा दिया गया है तथा अनेको बार मैखिक व लिखित पत्र अधिकारियों को ग्रामीणों ने दिया है परन्तु आज तक किसी भी प्रकार का कोई भी ठोस कदम उच्च अधिकारियों के द्वारा नही उठाया गया है जिससे भ्रष्टाचारियों का मनोबल सातवें आसमान पर है तथा बिना किसी डर भर के मानक विहीन कार्य कराया जा रहा है, वित्तीय वर्ष 2016 और 17 में बनवाये गये समस्त शौचालय थर्ड क्वालिटी के घटिया ईट से ही बने है, और वितीय वर्ष 2018 में भी बनवाये जा रहे शौचालयों में घटिया क्वालिटी के ही ईटो का प्रयोग हो रहा है, यदि सही तरीके से 2016 से लेकर आज तक के बने हुए शौचालयो की ठीक से जांच हो जाए तो लाखों रुपये से भी ऊपर के घोटाले के राज का पर्दाफास हो सकता है..!!
दिलीप भारती
पी न्यूज़ कुशीनगर
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