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बहराइच- अरविन्दों सोशायटी द्वारा आयोजित नवाचार व शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में मा0 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा बाल विकास एवं पुष्टाहार, राजस्व, वित्त, श्रीमती अनुपमा जायसवाल जी ने कहा कि सामीक कार्यक्रम है। और जिसकी जरूरत भी है आज नवाचार केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं हर क्षेत्र में भी जरूरी है जो व्यक्ति समय के अनुरूप नवाचार नहीं अपनाता है उसे समय अपने स्थान से बाहर कर देता है। नये-नये विचार पुराने विचारों की जगह लेते रहते हैं और से जीवन भी ऐसा है प्रतिदिन एक ही दिन जैसा किया जाये कुछ भी नया करने की अभिलाषा न हो तो जीवन दम तोड़ देता और समाज तो बहुत बड़़ी चीज होती है। जो व्यक्ति नवाचार का महत्व को समझकर निज नई अपनी परिकल्पना से अपने आस-पास के संसाधनों से अपनी उर्जा अपनी क्षमता को नवगति प्रदान करता है समाज उसका हमेशा स्वागत करता है उसका अभिनन्दन करता है। और उसके पावों को मजबूती से अपनी जगह पर जमाये रखता है। और इसलिये तमाम स्टालों पर हमने देखा है के अपने-अपने तरीके से शिक्षकों ने नई-नई नीतियां तैयार की है नये-नये तरीके अपनायें हैं कैसे बच्चों को इकाईं दहाई का अध्यन करायें अब जो कि बच्चों को अग्रंेजी माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। कैसे बच्चे को ग्रामर मजबूत करायें कैस सेंटेन्स बनाये कैसे काउटिंग करना सिखायें जाय किस तरीके से किस तरीके से बरसात के जल का संचय कर उसका सद उपयोग करना सिखाया जायें सबने अपने-अपने तरीकों से कुछ न कुछ नया करने की कोशिश की है चीजें वहीं हैं मगर हर व्यक्ति का प्रयास अलग है और यही अलग-अलग प्रयास ही अपने समाज में विशिष्ट और अन्य के साथ स्थापित करने में सहयोग देता है। मुझे ऐसा लगता है कि अरविन्दो सोशायटी में कदम बढ़ायें हैं और जिस तरह तमाम शिक्षकों को यहां पर आमंत्रण दिया इन्हें प्रशिक्षित करने के बाद इस समाज के सामने अपना हुनर दिखाने का अवसर मिला है महार्षि अरविन्द को हम सब जानते हैं शिक्षा के चिन्तन में महार्षि अरविन्द का बहुत बड़ा स्थान रहा है सब जानते है की ओ भैतिक जीवन के साथ-साथ मनुष्य दैवीय चिन्तन को अपना सकता है। एक व्यक्ति संसारिक दुनिया में रहते हुये अन्य मानव की तरह दूसरें की सेवा करते हुये अपने मानस को अति मानस बना सकता है और अपने को अपने आप तब्दील कर सकता है और यह शिक्षा जगत में बहुत वैभवपूर्ण उपहार मिला है। पर आज के समय में बहुत ही चिन्तन बहुत ही प्रासांगिक हो जाता है जब हम तमाम विसंगतियों से समाज से गुजरते हैं अभी हमने देखा की छोटे-छोटे बच्चों ने भारत के नक्शे को अद्भुत तरीके से दर्शाया मैं सभी शिक्षको को चाहूंगी की जो नये तरीके आपने प्रर्दशनी में प्रयोग किये हैं उसे नियमित कक्षा में भी करें और बच्चों से करायें जिससे बच्चोें की कुशलता निखर कर आये। आप जो कर रहें हैं वह शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम हासिल करायेगा। हमने जो कदम बढ़ाये है उसमें हमें जल्द मंजिल मिल जायेगी मैं इस कार्यक्रम के माध्यम से आदर्णीय मुख्यमंत्री जी को बधाई देती हूं नई सरकार आने के बाद से शिक्षा जगत में नये-नये सुधार हुए दो साल पहले का बेसिक शिक्षा विभाग था उसमें ऐसे कीर्तिमान स्थापित किये हैं जो पूरे देश में एक नया आयाम हासिल कर रहा है। लोग मुझे फोटो डालकर पूछते हैं कि वास्तव में स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है य किसी ने फोटो बनाकर व्हाटसेप कर दी है लेकिन आप सब जानते हैं कि किस तरीके से कायाकल्प हुआ है चाहे वह स्कूलों का बिल्डिंग का हो शिक्षा के स्तर का हो य शिक्षकों के आने जाने का परिवर्तन का हो। मैं शिक्षको से कहना चाहूंगी कि बच्चों को निशुल्क ड्रेस, जूते मोजे, कापी, किताब, बैग दिये गये हैं लेकिन मित्रों इस निशुल्क चीजों से कोई कीमती चीज आप बना सकते हैं। शिक्षकगण चाहें तो समाज को इसकी कीमत को वापस कर सकते हैं एक सरकारी विद्यालय के बच्चे को अच्छी शिक्षा देकर देश के हित में लगा सकते हैं मा0 मंत्री जी ने अरविन्दों सोशायटी द्वारा चिन्हित शिक्षकों को सम्मानित किया और धन्यवाद ज्ञापित किया कि ओ शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रहें हैं। कार्यक्रम में सोशायटी के प्रमुख अशोक शर्मा जी, सुनील तिवारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी श्याम किशोर तिवारी व सभी खण्ड शिक्षाधिकारी व भारी संख्या में शिक्षकगण मौजूद रहें।

रिपोर्ट- पी न्यूज़ बहराइच-

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