पदम श्री अवार्ड से नवाजे जायेगे किसान रामशरण, 5000 अधिक से किसानों को बना चुके हैं प्रगतिशील
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलो दूरी पर बसे दौलतपुर गांव में रहने वाले एक मामूली इंसान ने जब खेती शुरू की तो ऐसा लगा कि यह साल कुछ ऐसा जरूर करेगा जिससे गांव का नाम रोशन होगा। आमतौर पर गेहूं घास उगा कर जीवन यापन करने वाले किसानों के बीच पैदा हुए रामशरण वर्मा ने जब केले और टमाटर के साथ अन्य ऑर्गेनिक खेती शुरू की तो गांव वालों ने पहले तो उनका मजाक उड़ाया मगर जब साल दर साल इस खेती से उनको आमदनी शुरू हुई तो सब उनको मुरीद हो गए। 1988 से अब तक किसान राम शरण खेती में तरह तरह के प्रयोग करके अपना लोहा मनवाया। उनकी खेती को देखने के लिए प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और विदेशों से भी लोग आए। शुक्रवार को जब किसान राम शरण शर्मा को पद्मश्री अवार्ड मिलने की घोषणा हुई तो पूरा जिला इस उपलब्धि पर फॉलो नहीं समा रहा था। हिंदुस्तान से बातचीत में किसानों पर वर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि वह अपने पूरे जिले को समर्पित करते हैं।
हाईस्कूल फेल है रामशरण वर्मा
अक्सर कहा जाता है कि शिक्षित किसान ही हाईटेक खेती कर सकते हैं मगर रामशरण ने इस बात को झुठला दिया। उन्होंने जब खेती शुरू की तो उनके पास केवल चंद बीघे जमीन थी। जमीन की कमी मैं सूची को रामशरण वर्मा ने गांव के अन्य किसानों से उनकी खेती लीज पर लेने शुरू की। उन्होंने इसके बदले उन्हें गेहूं और धान से होने वाली आमदनी से अधिक धनराशि देने की बात कही। फिर क्या था दिनोंदिन रामधन के केले और टमाटर की खेती इतना प्रसिद्ध हुई कि सभी उसका लोहा मानने लगे। कई बार उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर खेती के लिए सम्मानित किया गया।
5000 अधिक से किसानों को बना चुके हैं प्रगतिशील
1988 से 2018 तक के सफर में किसान राम शरण शर्मा ने अपने गांव दौलतपुर में फार्म हाउस का निर्माण कर हाईटेक खेती की तो इस दौरान उनसे तमाम किसान जुड़ते गए। आज वह 30 एकड़ एकड़ क्षेत्रफल में केला टमाटर समेत तमाम प्रकार की नगदी फसलों की खेती कर रहे हैं। लाल किला जो कभी जिले व आसपास के जिलों में भी नहीं पैदा हुआ वह राम शरण में पैदा करके दिखाया।
मामूली इंसान से बने करोड़पति
खेती के माध्यम से किसान राम शरण वर्मा एक मामूली इंसान से करोड़पति बन गए। उनके फार्म हाउस पर शायद ही ऐसा कोई कृषि से जुड़े व्यक्ति या अधिकारी हो जो ना आया हो। गत वर्ष के फार्म पर पहुंचे राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि रामचंद्र माने जो किया है अगर वह देश के कुछ दर्जन किसान कर ले तो खेती की हालात ही बदल जाए। किसान राम शरण वर्मा अब तक करीब 5000 किसानों को प्रगतिशील किसान बना चुके हैं।
रिपोर्ट- निजामुद्दीन हाशमी
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