सम्भल- परिवहन विभाग की मिलीभगत से मासूमो की जान खतरे में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी उड़ाई जा रही है धज्जियां खुलेआम जर्जर वाहनों से मासूमो को पहुचाया जा रहा है विद्यालय नामी स्कूल के बताए जा रहे है वाहन कैमरे के आगे गिड़गिड़ाते नज़र आए वाहन चालक सुप्रीम कोर्ट तक कि नहीं है जानकारी स्कूल प्रबंधकों ने हमसे बात करने से किया इंकार के चन्दौसी तहसील क्षेत्र में नामी स्कूल ही माननीय सुप्रीम कोर्ट का नही मानते है आदेश खुले में उड़ाई जा रही है धज्जियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवेहलना हो रही है! शहर में लगभग 60% स्कूली वाहन जर्जर है जिनके वाहन में कोई भी सुविधा नहीं है कई वाहन सीएनजी गेस पर दौड़ते नज़र आए जब उनके ऊपर कैमरा घुमा तो वो भागते नज़र आए बही जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में वाहन चालकों से जानकारी चाही तो उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी हमने कई स्कूलों में जा कर स्कूल प्रबंधकों से जानकारी लेना चाही पर उन लोगो ने हमसे बात करने से इंकार कर दिया ! किसी भी वाहन के पास न फस्ट ट्रेड मेडिकल बॉक्स मिला न ही फायर एक्सटीयूशर मिला साथ ही किसी भी वाहन पर स्कूल का न तो नाम मिला और न ही मोबाइल नंबर किसी भी वाहन पर न ऑन डियूटी स्कूल मिला स्कूल प्रसाशन ने किसी भी वाहन चालक का वेरिफिकेशन नहीं करवा रखा हैं! फिलहाल इस मामले पर सीओ चन्दौसी कृष्णकांत सरोज ने जाँच की बात कही है और जल्द ही स्कूल प्रबंधकों के साथ वार्ता की बात कही गई है|
रिपोर्ट -सतीश मिश्र
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