बहराइच- जहाँ समायोजन रद होने से शिक्षामित्र मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे है वहीं इस मामले मे योगी सरकार बेपरवाह साबित दिख रही है। लेकिन लगभग सात सौ शिक्षामित्रों की जान लेने के बाद भी बीएड टेट वालो का जी नही भरा? अब शिक्षामित्र को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहे है। मामला ब्लॉक तेजवापुर के परिषदीय विद्धयालय रामगाव मे तैनात 72825 की अध्यापिका ने शिक्षामित्र दुर्गेश का हस्ताक्षर काट कर अनुपस्थित कर दिया एवं उपस्थित पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उक्त अध्यापिका ने धमकी दी की मुझे निलंबित करा दो जो कर पाना है कर लो और उसने यहाँ तक कहा कि अगर हम जहर खाकर मर जाये तो शिक्षामित्र रसोइया सभी जेल चले जायेगे। उक्त शिक्षिका के इस रवैय से गांव के लोग भी परेशान है।
आए दिन अभिभावक स्कूल मे उक्त अध्यापिका से मामला करने आया करते है कभी-कभी मारपीट की भी नौबत आ जाती है लेकिन स्थानीय शिक्षामित्र के हस्तक्षेप से मामले को सुलझा लिया जाता रहा है, अगर समय रहते बिभाग के जिम्मेदार अधिकारी नही जागे तो कब कौन सी घटना घट जाये, ये आप उक्त महिला शिक्षका के ब्यवहार से सहज अन्दाजा लगा सकते है। जुलाई माह मे ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री एसके तिवारी ने स्कूल का निरीक्षण किया था उस समय भी उक्त महिला शिक्षका ने रोने का नाटक किया था, उक्त महिला शिक्षका ने शिक्षा मित्र दुर्गेश पर अरोप लगाया कि आप ने ही स्कूल चेक कराया है। शिक्षामित्र दुर्गेश का जब हस्ताक्षर काट कर एक सप्ताहभर अनुपस्थित उक्त महिला शिक्षका ने कर दिया इस से परेशान होकर शिक्षामित्र जिलाधिकारी से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचा लेकिन डीएम महोदया के बाढ इलाके में दौरे पर होने के कारण मुलाकात नही हो सकी। शिक्षामित्र ने बताया कि कल जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले को रखा जायेगा। खण्ड शिक्षा अधिकारी तेजवापुर से जब शिक्षामित्र दुर्गेश ने बात किया तो उन्होंने भी उक्त महिला शिक्षका पर ही मेहरबानी दिखाई। अब शिक्षामित्र संघ इस मामले मे उच्च अधिकारी के सामने रखेगा।
आपको बता दे कि उक्त शिक्षा मित्र संघ का जिला मीडिया प्रभारी है, इस सम्बन्ध मे संघ के जिलाध्यक्ष शिव श्याम मिश्र ने कहा कि उक्त महिला शिक्षका पर अगर बिभाग जल्द कार्रवाई नही करता है तो संघ प्रदर्शन करेगा।
रिपोर्ट- दुर्गेश श्रीवास्तव,

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