लखनऊ - देवरिया मां विंध्यवासिनी संरक्षण गृह के मामले में सीएम योगी ने सख्तई रूख अपनाते हुए देवरिया के डीएम सुजीत कुमार को हटाने का व डीपीओं प्रभात कुमार को सस्पेंड करने का आदेश दिया है। ज्ञातव्य है कि देवरिया के मां विंध्य वासिनी संरक्षण गृह में बिहार जैसा घिनौना कांड सामने आया है. मामले में यूपी सरकार में हड़कंप मचा हुआ है. इस संबंध में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि ये संरक्षण गृह अनाधिकृत रूप से चल रहा था. पहले भी कई बार इस संरक्षण गृह को बंद करने के लिए नोटिस दिए गए. उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंम्भीर है, हर बिंदु पर जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि देह व्यापार होता था या नहीं? ये रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। डॉ रीता जोशी ने कहा कि हमने लखनऊ से एक टीम वहां भेजी है. जिलाधिकारी पूरे मामले की खुद जांच कर रहे हैं. प्रमुख सचिव, महिला और बाल कल्याण से शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है। बता दें रविवार शाम संरक्षण गृह से भागी एक लड़की ने पुलिस को यह जानकारी दी तो हड़कंप मच गया. पुलिस ने रात में ही संरक्षण गृह पर छापा मारा तो 42 में से 18 लड़कियां गायब मिलीं. पुलिस ने 24 लड़कियों को मुक्त कराते हुए संचालिका और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है। उधर डीएम सुजीत कुमार कहते हैं कि कई बार शेल्टर होम में घुसने की कोशिश की गई लेकिन प्रशासन को सफलता नहीं मिली. फिलहाल मौके पर छानबीन की जा रही है, सभी कमरों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने बताया कि मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह नाम के एनजीओ की सूची में 42 लड़कियों के नाम दर्ज हैं, लेकिन छापे में मौके पर केवल 24 मिलीं. बाकी 18 लड़कियों का पता लगाया जा रहा है. नारी संरक्षण गृह के बारे में लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। बता दें अनियमितताओं के कारण इस शेल्टर होम की मान्यता जून-2017 में समाप्त कर दी गई थी. सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को अनियमितताओं में चिह्नित कर रखा है. संचालिका हाईकोर्ट से स्थगनादेश लेकर इसे चला रही है। उधर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अवैध संरक्षण गृह की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारकर 24 लड़कियों को मुक्त कराया है. एसपी देवरिया को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।[8/6, 3:10 PM] P Dinesh Kasera: डी एम सुजीत कुमार को हटाया गया।अनाधिकृत रूप से चल रहे बाल गृह पर बंद किये जाने का निर्णय लिए जाने के समय रहे डीपीओ अभिषेक पाण्डे को सस्पेंड किया गया और दो अन्तरिम डीपीओ नीरज कुमार एवं अनूप सिंह पर विभागीय कार्रवाई किये जाने का आदेश दिया गया।अपर मुख्य सचिव बाल कल्याण विभाग रेणुका कुमार और एडीजी अन्जू गुप्ता को जांच करने के लिए हेलीकॉप्टर से तत्काल देवरिया भेजा गया है|
रिपोर्ट- PNEWS डेस्क
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