Ads (600)

बहराइच- उत्तर प्रदेश में जनपद बहराइच के एक गांव में रहती है वो लड़की जिसे बलात्कार के चलते माँ बने अब डेढ़ साल हो चुका है, ''बात जून 2016 की है जब उस बच्ची का पेट दिखने लगा, परिजनों ने कड़ाई से पूछा कि आख़िर ये कैसे हुआ?........ तब पता चला कि उसके पेट में पल रहा बच्चा बलात्कार का नतीजा है। आरोप गाँव के ही एक 55 साल के व्यक्ति पर लगा जिस पर भरोसा कर उसके पिता ने उसे लखनऊ भेजा था।


आपको बता दें कि बहराइच के थाना रिसिया इलाके के भैसाही गांव में पत्नी के मरने के बाद अनुसूचित जाति के पिता ने अपनी दो बेटियों को पाल पोस कर बड़ा किया। गरीब पिता ने किसी तरह बड़ी बेटी के हाथ पीले कर दिए लेकिन अपनी 14 वर्षीय छोटी बेटी की शादी के लिए परेशान रहने लगा। इसी बीच गाव के आरोपी चंद्र बदन वर्मा ने ये कहते हुए बेटी को साथ ले जाने की बात कही की सरकार की तरफ से शादी के लिए कुछ पैसा दिलवा देगा। गरीब पिता ने आशा की किरण समझ बेटी को उसके साथ कर दिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पहले तो पीड़िता को लखनऊ ले गया बाद में अयोध्या में एक कमरा लेकर वहां तीन दिन चाकू की नोक पर नाबालिग से बलात्कार करता रहा।


आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देते हुए उसकी ज़बान बन्द करवा दी हैवानियत का शिकार बिन मा की वो बच्ची पिता को खुद पर हुए अत्याचार को बता न पाई। इसके बाद आरोपी एक बार फिर लड़की को पैसा दिलाने के नाम पर साथ लेकर गया और नानपारा में रखकर उसके साथ दो दिन तक बलात्कार करता रहा और लड़की को वापस घर लाकर छोड़ दिया। दुनियादारी से अनजान उस 14 साल की बच्ची ने डर के मारे किसी से कुछ न कहा 


लेकिन.. कहते हैं न की पाप छुपाये नहीं छुपता- 4 महीने बाद जून 2016 में लड़की के बढ़ते पेट ने दरिंदे की दरिंदगी को उजागर कर दिया। पिता को जब पता चला की उसकी छोटी बेटी जो महज़ 14 साल की है वो गर्भ से है तो मानो पहाड़ सा टूट गया। बेटी से जब कड़ाई से पूछा तो उसने अपनी आपबीती परिवार के सामने रख दी। बेटी से हुई हैवानियत का पता चलते ही पीड़ित पिता 23 जून 2016 को रिसिया थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पंहुचा तो वहां भी उसे निराशा हाथ लगी। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन 14 साल की बेटी को 19 साल कर दिया गया। पुलिस आरोपी को पकड़ लाई लेकिन कुछ ही घण्टों में ये कहते हुए छोड़ दिया गया की डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही गिरफ्तारी की जायेगी। पुलिस की उदासीनता की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी की आज तक रेप पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि भी इस रेप पीड़िता को नहीं मिली है।


इस मामले में अपने अपने हिसाब से सभी ने लापरवाहियां बरती। पीड़िता ने अपने पिता के साथ हर उस दरवाज़े को खटखटाया जहां से ज़रा भी इन्साफ की उम्मीदी थी लेकिन हाथ लगी तो सिर्फ निराशा। इस मामले में पुलिस ने भी खूब नियमों की धज्जियाँ उड़ाई। पीड़िता की उम्र को बढ़ा के दिखाने के साथ मेडिकल भी देर से कराया यही नहीं आरोपी खुलेआम घूमता रहा लेकिन उसे गिरफ्तार तक करना मुनासिब नहीं समझा गया।समय बीतता गया और अधिकारी बदलते गए लेकिन जांच ठन्डे बस्ते में पड़ी रही।


इस मामले की जानकारी पर जब ग्राउंड जीरो पर जाकर पड़ताल शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये जो पुलिसिया लापरवाही को साफ उजागर कर रहे हैं। दो साल से आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाए हीलाहवाली के मामले का जब पर्दाफाश किया गया तब जाकर रिसिया थाने की पुलिस टीम ने अपनी तेजी दिखाते हुए आनन फानन में आरोपी को 2 साल के लंबे अंतराल के बाद गिरफ्तार कर जेल रवाना कर दिया लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से मिलने वाली राहत अनुदान राशि अभी तक पीड़िता के खाते में विभाग द्वारा जमा नहीं करवाई जा सकी है। अब देखना है कि इस मुद्दे पर कब तक विभाग की कार्रवाई आगे बढ़ती है?...

14 साल की लड़की अपने बलात्कारी के बच्चे को पाल रही है और देश की किसी संस्था को 'उसकी चिंता नहीं हो रही'?

अब देखना है कि प्रयोगशाला में लंबित DNA जांच की कार्रवाई में क्या राज बाहर निकल कर सामने आता है।

रिपोर्ट- राज कुमार श्रीवास्तव,

Post a Comment