कप्तान साहब मुझे मेरी बेटी से मिला दो ,यह किसी पेपर पर लिखे शब्द नही , यह शब्द उस बेबस मां के जिसने अपनी बेटी को हँसीखुशी से ससुराल बिदा किया था पर कुदरत ने इस माँ की झोली में बेटी का वह गम डाल दिया जिसकी परिकल्पना उस मां ने अपने बेटी के प्रति जीवन मे नही सोची होगी।
जहाँ प्रदेश सरकार बेटियो व महिलाओं की सुरक्षा देने की बात करती है, पर सवाल वही कैसे सुरक्षित रहेंगी बेटियां, जब उत्तर प्रदेश की मित्र पुलिस कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है, जहाँ एक तरफ योगी सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद कर रही है वही उसकी मित्र पुलिस किसी बेटी के गायब होने की सूचना को गंभीरता पूर्वक न लेते हुए स्थानीय दबाव बस मामले को दबाने में लगी हुई है। या यूं कहे कि मामले को अलग मोड़ देने की कोसिस कर रही है। अपनी बेटी के गायब होने की सूचना पर थाने पहुंचे माता पिता का रो रो कर बुरा हाल है
आपको बता की ताजा मामला जनपद बहराइच के थाना बिशेश्वरगंज का है जहाँ पर इटियाथोक निवासिनी सुषमा देवी की लड़की रिंकी की शादी कुरसहा निवासी सतीश पुत्र सिद्धनाथ के साथ सात वर्ष पूर्व हुई थी। परन्तु कुछ समय बीत जाने के बाद लड़के वालों ने दहेज की मांग। को लेकर लड़की के साथ मारपीट करने लगे। समय बीतता गया इसी दौरान रिंकी दो बच्चों को जन्म भी दे चुकी थी। छोटे बच्चे के जन्म के बाद दहेज के मामले को लेकर रिंकी के साथ फिर वही मारपीट की घटना दोहराई जाने लगी। फिर अचानक एक दिन लड़की रिंकी को मारपीट कर सतीश मेरे यहाँ भेज गए लगभग दो वर्षों तक रिंकी मेरे घर पर ही रही। अभी पन्द्रह दिन पूर्व मेरी लड़की को सतीश के घर वाले आपसी सुलह समझौते के द्वारा अपने घर कुरसहा लेकर आये थे कि अचानक, 31 मई को रात्रि लगभग दो बजे सतीश ने फोन से बताया कि आप की लड़की रात्रि में कही गायब हो गयी है। सूचना मिलते ही लड़की के पक्ष वालो ने स्थानीय थाने विशेश्वरगंज पर सूचना दिया जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा अभी भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही।
रिपोर्ट -राज कुमार श्रीवास्तव
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