भागलपुर और बांका से जुड़े चारा घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सहित नौ आरोपितों की पेशी पटना की विशेष सीबीआइ अदालत में मार्च 2018 तक संभव नहीं है। बुधवार को सभी नौ आरोपितों को पेश किया जाना था लेकिन रांची पुलिस ने पेश नहीं किया। मुंडा सेंट्रल जेल की ओर से नौ आरोपितों को पटना की विशेष अदालत में नहीं पेश किए जाने को लेकर किसी प्रकार का पत्राचार नहीं किया गया है। विशेष अदालत ने सभी नौ आरोपितों के खिलाफ 3 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। पटना की विशेष अदालत में मुकदमे का ट्रायल प्रतिदिन हो रहा है। जब तक सभी की उपस्थिति या पेशी नहीं हो जाती तब तक मुकदमे का ट्रायल आगे नहीं बढ़ेगा।
वहीं दुमका कोषागार से जुड़े आर.सी. 38ए/1996 मामले में बचाव पक्ष की ओर से गवाही चल रही है। यह अगले शुक्रवार को समाप्त हो जाने की संभावना है। इसके बाद मामला जजमेंट पर फिक्स हो जायेगा। अनुमान है कि इस मामले में भी जजमेंट फरवरी तक आ जायेगा।आर.सी. 47ए/1996 डोरंडा से जुड़े मामले में अभियोजन की ओर से गवाही चल रही है। अधिवक्ता ने बताया कि जब दो मामलों में फैसला जल्द आने की उम्मीद है तो ऐसे में पटना की विशेष अदालत में पेशी मार्च तक संभव नहीं है।पटना अदालत जाने पर रांची में चल रहे दो मामले बाधित हो जाएंगे। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल प्रशासन ने प्रोडक्शन वारंट के आधार पर अदालत से पटना में पेश करने के लिये अनुमति मांगी है या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

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