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जेट एयरवेज ने 15 जनवरी से अपनी सभी उड़ानों में स्मार्ट लगेज ले जाने पर रोक लगा दी है। कंपनी का कहना है कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया जा रहा है। हालांकि यात्री अपने मोबाइल फोन यात्रा के दौरान पहले की तरह ही अपने साथ रख सकेगा।स्मार्ट लगेज में लिथियम बैटरी की डिवाइसें, मोटर, पॉवर बैंक, जीपीएस, जीएसएम, ब्लूटूथ व वाईफाई तकनीक शामिल हैं। लिथियम बैटरी के बैग को तभी यात्रा में जाने की अनुमति दी जाएगी, जब बैटरी को निकालना मुमकिन हो सकेगा।सूत्रों का कहना है कि इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने स्मार्ट लगेज पर रोक लगाई है। उनकी तकनीकी समिति ने माना है कि ये सामान सुरक्षा को लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, लिहाजा इसे बैन किया जाना चाहिए। जेट एयरवेज के अधिकारियों का कहना है कि एसोसिएशन से जुड़ी विश्वभर की 275 एयरलाइनों ने स्मार्ट लगेज पर रोक लगाई है।सूत्रों का कहना है कि इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने स्मार्ट लगेज पर रोक लगाई है। उनकी तकनीकी समिति ने माना है कि ये सामान सुरक्षा को लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, लिहाजा इसे बैन किया जाना चाहिए। जेट एयरवेज के अधिकारियों का कहना है कि एसोसिएशन से जुड़ी विश्वभर की 275 एयरलाइनों ने स्मार्ट लगेज पर रोक लगाई है।कुछ दिनों पहले संसदीय समिति से लताड़ झेलने वाली इंडिगो एयरलाइंस कंपनी पर अभद्रता का आरोप लगा है। पटना हवाई अड्डे पर यह घटना हुई। महाराष्ट्र में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के सीईओ प्रसाद नंदुरकर ने फेसबुक पोस्ट पर कहा है कि 30 दिसंबर, 2017 में कंपनी की पटना हवाई अड्डे पर 20 यात्रियों को बलपूर्वक विमान से निकाला गया। कंपनी ने ऐन मौके पर फ्लाइट को रद कर दिया। जो 20 यात्री विमान से नहीं उतर रहे थे, उन्हें सीआइएसएफ के जवानों ने जबरन उतारा। यात्रियों से बदसलूकी की गई। विमान कंपनी का कहना है कि कोहरे की वजह से कोलकाता-पटना-लखनऊ उड़ान को रद करना पड़ा था। 20 यात्री उतरने में आनाकानी कर रहे थे, लेकिन उन्हें भी स्टाफ ने सारी घटना से अवगत कराकर उतरने के लिए मनाया था।

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