सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दफ्तर में एक आईपीएस को बतौर सचिव तैनात करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री दफ्तर ने इसकी योजना तैयार कर ली है। इस पर अमल करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस पद पर आईपीएस की तैनाती कर दी जाएगी। यह आईपीएस सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेंगे। सीएम दफ्तर में अभी केवल एक सचिसूत्रों का कहना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर काफी सख्त हैं। इसी वजह से महाराष्ट्र में लागू सख्त कानून मकोका की तर्ज पर सरकार यूपी कोका कानून ला रही है। इसी सत्र में सरकार विधानसभा से इस कानून को पारित कराने जा रही है। सीएम योगी अब अपने दफ्तर में इस आईपीएस अफसर को सभी जिलों की कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को देखने का जिम्मा सौंपेगे।
वह गृह विभाग की मदद से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ सभी जिलों के एसपी और एसएसपी से सीधे समन्यवय स्थापित करेंगे। किसी भी आपात स्थिति में वह सीएम का संदेश सीधे जिलों तक पहुंचा भी सकेंगे। इसके साथ ही वह पुलिस की भर्ती और उनके सुधार से जुड़े मामलों को भी देखेंगे।
कई आईपीएस हैं रेस में- सचिवालय में तैनाती के लिए कई आईपीएस रेस में हैं। इनमें डीजी (इंटेलीजेंस) भावेश कुमार सिंह, एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि केंद्र में तैनात किसी अफसर को भी बतौर सचिव सीएम दफ्तर में लाया जा सकता है। इन अफसरों को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय प्रस्ताव तैयार कर रहा है व आईएएस के तौर पर मृत्युंजय नारायण तैनात हैं।
वह गृह विभाग की मदद से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ सभी जिलों के एसपी और एसएसपी से सीधे समन्यवय स्थापित करेंगे। किसी भी आपात स्थिति में वह सीएम का संदेश सीधे जिलों तक पहुंचा भी सकेंगे। इसके साथ ही वह पुलिस की भर्ती और उनके सुधार से जुड़े मामलों को भी देखेंगे।
कई आईपीएस हैं रेस में- सचिवालय में तैनाती के लिए कई आईपीएस रेस में हैं। इनमें डीजी (इंटेलीजेंस) भावेश कुमार सिंह, एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि केंद्र में तैनात किसी अफसर को भी बतौर सचिव सीएम दफ्तर में लाया जा सकता है। इन अफसरों को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय प्रस्ताव तैयार कर रहा है व आईएएस के तौर पर मृत्युंजय नारायण तैनात हैं।

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