लखनऊ - गौरतलब है कि शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ में लगातार कई दिनों से दृष्टि बाधित छात्र आन्दोलनरत हैं लेकिन न ही जिम्मेदार लोग हरकत में आ रहे और न कोई सामाजिक संगठन . जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने विकलांगों को दिव्यांग की संज्ञा दी तथा उनके सुख सुविधाओं तथा सम्मान की बात कर रहे हैं , और विश्वविद्यालय प्रशासन है की कानों में जूं नहीं रेंगती . विश्वविद्यालय के छात्रों का आरोप है कि उन्हें निम्न दृष्टि से देखा जाता है तथा छात्रावासों में समुचित सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं . छात्रों ने जब इसका विरोध किया तब पुलिस द्वारा दृष्टिबाधित छात्रों पर लाठी चार्ज किया गया और उनके मोबाइल में मौजूद भ्रष्टाचार के सबूतों को नष्ट करने के लिए उनके मोबाइल व तमाम पढाई के संसाधन तोड़े गए. पुलिस की बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज तथा दृष्टिबाधित छात्रों के साथ हो रहे अन्याय और जुल्म के खिलाफ 17 सूत्रीय मांगो को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र आन्दोलन कर रहे हैं . उनका कहना है यदि हमारी मांगों को नहीं माना गया तो सभी छात्र विश्वविद्यालय द्वारा मिले पुरस्कार भी वापस कर दिए जायेंगे . छात्रों की प्रमुख मांगो में कुलपति द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की जांच व हॉस्टल की भ्रष्ट वार्डन पर कार्रवाई हो .

Post a Comment