सुजानगंज- प्रेमकापूरा अन्नपूर्णा धाम में चल रहे श्रीराम कथा के तीसरे दिन अयोध्या से पधारी किशोरी वर्षा जी ने रामजन्म का प्रसंग सुनाया । श्री किशोरी जी ने कहा कि भगवान का जन्म जगकल्याण के लिये होता है । मनु शतरूपा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने पुत्र रूप में अवतार लिया और साथ ही साथ बताया कि नारद जी के शाप के कारण भी भगवान ने जन्म लेना स्वीकार किया था । किशोरी जी नें एक और कथा का दृष्टान्त देते हुये कहा कि राजा प्रतापभानु को राक्षस बनने का शाप मिला था तब भगवान ने कहा था कि तब तुम्हारा उद्धार करने के लिये मैं खुद जन्म लूंगा । भगवान अपने भक्तों का उद्धार करने के लिये अवतार लेते हैं । श्री किशोरी ने रामजन्म का ऐसा प्रसंग सुनाया कि भक्त रोमांचित होते हुये उठकर नाचने लगे । भक्तों ने श्री किशोरी पर पुष्प वर्षा की तो किशोरी जी ने भक्तों पर अबीर गुलाल उड़ाये । खचाखच भीड़ से भरे पाण्डाल में भक्त नाचने लगे और एक दूसरे को रामजन्म की बधाई देने लगे । इस अवसर पर क्षेत्र के हजारों नर नारियों ने रामकथा का जमकर आनन्द उठाया ।
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