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दक्षिण कश्‍मीर के पडगामपोरा-पुलवामा में वीरवार को एक मां भी आतंकी बने बेटे को आत्‍मसमर्पण के लिए नहीं मना पाई और उसके हर आग्रह को नकार उसका बेटा सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसाता रहा। अंतत सुरक्षाबलों ने भी गोली उसे भी इनउसके साथी की तरह मार गिराया और उसके साथ ही मुठभेड भी समाप्‍त हो गई। मारे गए आतकियों की पहचान लश्‍कर के जहांगीर अहमद गनई व मोहम्‍मद शफी उर्फ शेरगुजरी के रुप में हुई है। यह दोनों ही कोईल पुलवामा गांव के रहने वाले थे।
लेकिन, इन दो आतंकयों के मारे जाने के साथ ही पूरे इलाके में  में हिंसा भडक उठी। आतंकियों की मौत के बाद भडके लाेगों को पथराव व आगजनी से रोकने के लिए सुरक्षाबलो को भी हवाई फायरिंग के अलावा लाठियों व आंसूगैस का सहारा लेना पडा है। इसमें एक युवक की  गोली लगने से मौत हो गई, जबकि पांच अन्‍य जख्‍मी हो गए। 
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर श्रीनगर-बारामुला रेलमार्ग पर रेलगाडियों की आवाजाही को हालात सामान्‍य होने तक स्‍थगित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे इलाके में पुलिस व अर्धसैनिकबलों की तैनाती बडाते हुए‍ निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है। लेकिन हिंसक झड़पों में कोई कमी नहीं आई।
सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को सरेंडर के  लिए मनाने का हर संभव प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी। मोहम्‍मद शफी उर्फ शेरगुजरी की मां ने करीब दो घंटे तक अपने बेटे को मनाने का प्रयास किया। लेकिन उसने उसकी एक न सुनी और सुरक्षाबलों पर लगातार गोलियां बरसाता रहा। जब उसकी मां की हिम्‍मत जवाब दे गई और सुरक्षाबलों को लगा कि अब कोई चारा नहीं है,उन्‍होंने भी जवाबी कार्रवाई कर उसे भी मार गिराया। 
शेर गुजरी के मारे जाने से करीब दो घंटे पहले उसका दूसरा साथी जहांगीर अहमद गनई मुठभेड में मारा गया था। शफी और जहांगीर दोनों बीती रात ही पडगामपोरा में अपने एक संपर्क सूत्र के पास आए थे। सुरक्षाबलों को उसी समय इसकी भनक लग गई थी। लेेकिन उन्‍होंने ग्रामीणों द्वारा मुठभेड स्‍थल पर जमा होने की पिछली घटनाओं को ध्‍यान में रखते हुए गांव में आधी रात के बाद ही दाखिल होने का फैसला किया था।
सुरक्षाबलों ने आधी रात दो बजे के बाद गांव की चारों तरफ से घेराबंदी की ताकि न बाहर से कोई अंदर आ सके और न गांव सेबाहरकोई जा सके। इसके बाद उन्‍होंने चुपचाप उस मोहल्‍ले को घेरा जहां आतंकी छिपे थे। पौने चार बजे जवानों ने गांव तलाशी अभियान शुरु किया और साढे चार बजे आतंकियों ने जवानों को अपने ठिकाने के बाहर देखते ही गोली चला दी। 
जवानों ने अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। इसके साथ उन्‍होंने आतंकियों को सरेंडर के लिए चेतावनी भी दी। उन्‍होंने आतंकियों के परिजनों को व गांव के कुछ बुजुर्गों को भी मौके पर बुलाया। लेकिन बातनहीं बनी। इस बीच,गांव में मुठभेड का पता चलते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। उन्‍होंने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरु कर दिया। लेकिन सुरक्षाबलों ने अपना अभियान जारी रखा और दोनों आतंकियों को मार गिराया। 
आतंकियों के मारे जाने के खबर के साथ ही पूरे इलाके में हिंसा भडक उठी। उत्‍तेजित युवकों ने सुरक्षाबलों को चारों तरफ से घेरते हुए उन पर पथराव शुरू कर दिया। भीड में शामिल कुछ युवकों ने पथराव के दौरान सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने और उनके वाहन को आग लगाने का भी प्रयास किया। इस पर सुरक्षाबलों ने गोली चला दी। सुरक्षाबलों की फायरिंग में एक युवक जिसका नाम आमिर वानी है, गोली लगने से मारा गया है। पांच अन्‍य जख्‍मी हैं। 
आईजीपी कश्‍मीर  एस जेएम जिलानी ने लश्‍कर आतंकी जहांगीर गनइ के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मोहम्‍मद शफी उर्फ शफात उर्फ शेरगुजरी का शव अभी नहीं मिला है। लेकिन उसके भी मारे जाने की उम्‍मीद है। इस दौरान भडकी हिंसा  में एक युवक आमिर वानी भी गोली लगने से मारा गया है। 

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