मॉस्को। रूसी टेनिस स्टार मारिया शारापोवा पर लगा 15 महीने का प्रतिबंध अब समाप्त हो रहा है। शारापोवा ने इस दौरान उन्होंने बॉक्सिंग की, किताब लिखी और हॉर्वर्ड में पढ़ाई की।
शारापोवा का बैन इसी साल अप्रैल में खत्म हो रहा है। एक चैट शो में यह पूछे जाने पर कि उन्हें किसी बात का अफसोस है या उन्होंने इससे क्या सबक लिया, शारापोवा ने जवाब दिया कि उन्होंने इस समय का फायदा और मजा उठाया।
पूर्व में विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी रह चुकीं शारापोवा ने कहा है कि उन्हें डोपिंग के इस्तेमाल की वजह से प्रतिबंधित किए जाने पर कोई अफसोस नहीं है। आपको बता दें कि शारापोवा पर दो साल का बैन लगाया गया था, जिसे बाद में घटाकर 15 महीने का कर दिया गया था। शारापोवा ने कहा कि इस गैप के दौरान उन्होंने अपने आप को फिट रखने के लिए बॉक्सिंग की प्रैक्टिस की, जिसमें उन्हें खूब मजा आया। इस काम में मजा आने की वजह उन्होंने बताई कि वे कुछ लोगों के चेहरे पर पंच मारना चाहती हैं और बॉक्सिंग किट में उनके चेहरे की कल्पना कर वे अभ्यास किया करती थीं। उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किनके चेहरे पर पंच मारना चाहती हैं।
शारापोवा ने कहा कि उनके पास काफी लंबा समय था, जिसका उन्हें सदुपयोग करना था। उन्होंने इस दौरान अपने जीवन पर एक किताब भी लिखी है जो इसी साल सितंबर में छपेगी। पहले इसे अंग्रेजी में छापा जाएगा और बाद में यह रूसी भाषा में भी छापी जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने खाली समय में काफी किताबें भी पढ़ीं। किताबों के अलावा उन्होंने हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल से अपने बिजनेस को फैलाने के लिए व्यवस्थित पढ़ाई भी की।
शारापोवा का बैन इसी साल अप्रैल में खत्म हो रहा है। एक चैट शो में यह पूछे जाने पर कि उन्हें किसी बात का अफसोस है या उन्होंने इससे क्या सबक लिया, शारापोवा ने जवाब दिया कि उन्होंने इस समय का फायदा और मजा उठाया।
पूर्व में विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी रह चुकीं शारापोवा ने कहा है कि उन्हें डोपिंग के इस्तेमाल की वजह से प्रतिबंधित किए जाने पर कोई अफसोस नहीं है। आपको बता दें कि शारापोवा पर दो साल का बैन लगाया गया था, जिसे बाद में घटाकर 15 महीने का कर दिया गया था। शारापोवा ने कहा कि इस गैप के दौरान उन्होंने अपने आप को फिट रखने के लिए बॉक्सिंग की प्रैक्टिस की, जिसमें उन्हें खूब मजा आया। इस काम में मजा आने की वजह उन्होंने बताई कि वे कुछ लोगों के चेहरे पर पंच मारना चाहती हैं और बॉक्सिंग किट में उनके चेहरे की कल्पना कर वे अभ्यास किया करती थीं। उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किनके चेहरे पर पंच मारना चाहती हैं।
शारापोवा ने कहा कि उनके पास काफी लंबा समय था, जिसका उन्हें सदुपयोग करना था। उन्होंने इस दौरान अपने जीवन पर एक किताब भी लिखी है जो इसी साल सितंबर में छपेगी। पहले इसे अंग्रेजी में छापा जाएगा और बाद में यह रूसी भाषा में भी छापी जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने खाली समय में काफी किताबें भी पढ़ीं। किताबों के अलावा उन्होंने हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल से अपने बिजनेस को फैलाने के लिए व्यवस्थित पढ़ाई भी की।
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