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बहराइच/श्रावस्ती/बलरामपुर-  आज दिनांक 21 जून 2020 को स्नान दान की अमावस्या एंव चूणामणि योग खण्ड सूर्यग्रहण के पावन औसर पर श्री विजेन्द्र पाण्डेय गुरू जी द्वारा राप्ती तट पर शिष्यो के कल्याण व राष्ट्र के आपदा निवारण हेहु की गई माँ बगलामुखी साधना,

उ.प्र. बलरामपुर में राप्ती नदी के तट पर सूर्य ग्रहण काल में मां बगलामुखी के साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी के द्वारा जप मंत्र एवं साधना अनुष्ठान रविवार सुबह 10ः30 बजे से प्रारंभ होकर 2:04बजे तक चला, उसके उपरांत दोपहर 2:30 बजे से शाम  5:30 बजे तक हवन यज्ञ का आयोजन हुआ,


इस अवसर पर माँ बगलामुखी देवी के साछात उपस्थिति का अनुभव करते हुए भक्तो को माँ गंगा के दर्शन, चमत्कार को देखने का गुरू जी के आशिर्वाद से शुभऔसर प्राप्त हुवा और साथ ही गुरू जी के भक्तो को श्रीनारायण की सहचरी शक्ती माँ पीताम्बरा की विशेष कृपा भी प्राप्त हुई, लगातार काफी तेज बारिश होने के बावज़ूद भी हवन यज्ञ स्थलपर एक भी बूंद पानी नहीं गिरा और वहीं जहाँ राप्ती नदी में भी बारिश होने के कारण नदी का जलस्तर अचानक करीब 10 फीट किनारे तक बढ़ आया लेकिन हवन स्थल पर पानी नहीं पहुंचा, यह साक्षात माँ बगलामुखी देवी का चमत्कार देखने को मिला जिसे देख कर सभी भक्त आश्चर्यचकित हो गए इस अवसर पर भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य सुरेंद्र नारायण त्रिवेदी, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, चेतराम पाल, कौशल जी, मधुबाबू प्रधान जी कोडरी, मोहन सिंह, रवि सोनी और गुरु जी के सारथी अम्बुज आदि लोग उपस्थित रहे,


इस पावन अवसर पर गुरू जी ने अपने भक्तो को बताया की माँ बगला "भगवान नारायण की अमोघ शक्ति है" नारायण के शरीर मे लीन होने के कारण यह नारायणी माँ दारिद्रय विनाशनी महालक्ष्मी है, भक्तवत्सला है, वैष्णी है.

विवेक शुक्ला, 
जिला संवाददाता 
पी न्यूज़ चैनल बहराइच,

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