लखनऊ। बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है, विभिन्न राज्यों में फसे दूसरे राज्यों के श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी जा रही हैं।
लखनऊ। कोरोना वायरस के चलते देश भर में जारी लॉकडाउन का तीसरा चरण जारी है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों में फसे दूसरे राज्यों के श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। लेकिन अब ट्रेन के किराए को लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि श्रमिकों से ट्रेनों और बसों का किराया देने में यदि सभी सरकारें नाकाम साबित हो जाएंगी तब बसपा इसमें थोड़ा योगदान जरूर देगी।
बसपा सुप्रीमों मायावती ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्र व राज्य सरकारें प्रवासी मज़दूरों को ट्रेनों व बसों आदि से भेजने के लिए उनसे किराया भी वसूल रही हैं। सभी सरकारें यह स्पष्ट करें कि वे उन्हें भेजने के लिए किराया नहीं दे पाएंगी।
बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा- ऐसी स्थिति में बीएसपी का यह भी कहना है यदि सरकारें प्रवासी मज़दूरों का किराया देने में आनाकानी करती है तो फिर बसपा अपने सामर्थवान लोगों से मदद लेकर, उनके भेजने की व्यवस्था करने में अपना थोड़ा योगदान जरूर करेगी।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी रेल किराए को लेकर कसा तंज,
इससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने रेल का पूरा किराया देने की बात कही थी। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुटकी लेते हुए कहा कि मजदूरों के रेल किराए का 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी। गिरिराज सिंह ने मशहूर फिल्म शोले के उस सीन को ट्विटर पर पेश किया है। जिसमें असरानी आधे सिपाहियों को एक ओर और आधे को दूसरी तथा बाकी को अपने पीछे आने को कह रहे हैं। इसी तस्वीर पर लिखा गया है कि 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी।
दरअसल सोमवार को ही भारतीय रेलवे की ओर से कहा गया था कि मजदूरों को किराया नहीं देना होगा, उनका 85 फीसदी खर्च रेलवे उठाएगी और 15 फीसदी राज्य उठाएंगे। श्रमिकों को वापस लाने के लिए शनिवार से शुरू हुई रेलवे की कवायद सोमवार को किराए के झमेले में फंस गई। मज़दूरों से रेल किराया वसूले जाने की खबरों के बीच लोगों ने सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ हमला बोला। मजबूरी में सरकार को सफाई देनी पड़ी।
रिपोर्ट। विवेक शुक्ला, जिला संवाददाता पी न्यूज चैनल।

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