बारावंकी। हरियाणा से पैदल चलकर 4 दिन 4 रात के बाद अपने गांव त्रिलोकपुर पहुंचे मजदूर। यह सभी त्रिलोकपुर निवासी अमन पुत्र स्वर्गीय सुशील हलवाई, शिवपूजन पुत्र संतोष मौर्य, ललित मौर्य पुत्र रामनरेश, किशन पुत्र कमलेश, विष्णु पुत्र राकेश यह सभी हरियाणा के जिला रेवाड़ी में एसलवाश गांव स्थित उनकेमण्ड कंपनी में काम कर रहे थे। सच ही कहा है.......
"हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते हर तकलीफ में ताकत की दवा देते हैं"
जी हां जब हमारी इन लोगों से मुलाकात हुई तो सभी के चेहरे धुआं-धुआं थे, इन लोगों के पैरों में छाले तक पड़ चुके थे। कुछ के पैरों में तो कुछ के हाथों में चप्पलें कुछ लंगड़ा के चलने पर मजबूर थे। पैरों में सूजन आ चुकी थी, इनसे एक कदम भी चला नहीं जा रहा था, फिर भी हौसले इसलिए बुलंद थे कि अब उनको अपनी मंजिल सामने नजर आ रही थी। इतने परेशान भूखे प्यासे तब भी सभी के चेहरों पर एक मुस्कान झलक रही थी जैसे मानों जीवन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया हो।
रिपोर्ट। निजामुद्दीन हाशमी,
संवाददाता, पी न्यूज चैनल बारावंकी।

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