लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सभी राजनीतिक पार्टियां दलितों, मुसलमानों और पिछड़ों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए हर कोशिश कर रही हैं। लेकिन मायावती ने उसके उलट अपनी प्राथमिकताएं उस वक्त स्पष्ट कर दीं जब उन्होंने फेसबुक पर ब्राह्मणों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले दलित कार्यकर्ता को पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की परिकल्पना साकार करते हुए फेसबुक पर ब्राह्मणों के खिलाफ गलत और भड़काऊ पोस्ट करने वाले को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अगड़ी जातियों के वर्चस्व के खिलाफ बनी पार्टी की नेता मायावती अपने पिछले अवतार में कड़वे भाषणों के लिए मशहूर हुई थीं, लेकिन अब अगड़ी जातियों खासकर ब्राह्मणों को लेकर उनके रुख में बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। दलित समुदाय से आने वाले संजय भारती को हाल तक बहुजन समाज पार्टी के कोर काडर में गिनती की जाती थी। उन्हें सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी।
बहुजन समाज पार्टी के सांगठनिक ढांचे में विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष स्थानीय विधायक या उम्मीदवार से ज्यादा बड़े ओहदे का माना जाता है, क्योंकि वह पार्टी अध्यक्ष को सीधे रिपोर्ट करता है। संजय भारती ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर कथित रूप से ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणियां की थीं। संजय भारती के फेसबुक पोस्ट पर बहुजन समाज पार्टी नेतृत्व की नजर गई और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी।
उत्तर प्रदेश में 10 फीसदी से ज्यादा आबादी ब्राह्मणों की है और मायावती इस तबके को नाराज नहीं करना चाहती हैं। इस वजह से मायावती ने संजय भारती को पार्टी से बाहर का दरवाजा दिखा दिया।
हालांकि पार्टी से निकाले जाने पर संजय भारती ने कहा मुझे मेरे निष्कासन के बारे में पार्टी की ओर से कुछ नहीं बताया गया है। मुझे इसके बारे में अखबारों के जरिए पता चला। मैंने ब्राह्मणों या किसी अन्य जाति के खिलाफ सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं किया है। मेरा फेसबुक अकाउंट शायद किसी ने हैक कर लिया गया है और उसी ने ये कथित टिप्पणियां की हैं। मैं ऐसी चीजें नहीं लिखता और न ही पोस्ट करता हूं।'
संजय ने कहा कि कुछ बसपा नेता उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट के गलत इस्तेमाल की शिकायत पुलिस से की है। भारती बहुजन समाज पार्टी की स्थापना के समय से ही पार्टी से जुड़े हुए थे।
रिपोर्ट, पी न्यूज चैनल।

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