कुशीनगर- बच्चों से झाड़ू लगवाया जाता है , चटाई साफ कराया जाता है तो पढाई कैसे होता होगा इसका.....
सरकार के लाख कोशिशो के बाद भी शिक्षा विभाग अपनी लापरवाहपूर्ण रवैये से बाज नहीं आ रहा है...... शिक्षा विभाग में हर अधिकारी और कर्मचारियों में कही न कही से लापरवाही देखने को मिल जा रहा है जबकि प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग को सुधारने में कोई कोर कसार छोड़ना नहीं चाह रही है...... प्रतिदिन छात्रो के साथ बर्बरता करने , झाड़ू लगवाने जैसे मामले सामने आ रहे है...... कुछ दोषियों के खिलाफ कार्यवाई भी देखने को मिल रहा है..... लेकिन शायद यह कार्यवाई केवल कोरमपूर्ति मात्र रह जा रहा है..... इसी तरह का एक मामला कुशीनगर के एक विद्यालय से सामने आया है जहाँ शिक्षको की मनमानी सर चढ़ कर बोल रहा है..... यहाँ शिक्षको की मनमानी ही चलता है...... बच्चों से झाड़ू लगवाया जाता है , चटाई साफ कराया जाता है तो पढाई कैसे होता होगा इसका अंदाज सहज ही लगाया जा सकता है......।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक समस्याग्रस्त शिक्षा विभाग को माना जाता है...... प्रदेश में सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा विभाग में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करने का दावा भले ही कर रहे हो लेकिन इसका हकीकत कुछ और ही है..... परिषदीय स्कूलो के रियलिटी चेक में पाया गया कि किसी भी प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालय में समय से शिक्षक नहीं पहुच रहे है....... सबसे खास बात यह है कि कुशीनगर जिले के अधिकांश विद्यालयो में बच्चों से चटाई साफ कराया जा रहा है तो इन्ही मासूम बच्चों से झाड़ू भी लगवाया जा रहा है...... रियलिटी चेक के दौरान पाया गया की प्राथमिक विद्यालय खैरटिया नौतन हर्दो में 3 शिक्षक तैनात है तो 117 बच्चे नामांकित है लेकिन शिक्षको के इसी व्यवहार के कारण मात्र 70 से 80 बच्चों की उपस्थिति होती है...... अपने भविष्य को सवारने के लिए शिक्षा के मंदिर में आ रहे इन मासूम बच्चों के हाथो में यहाँ पर तैनात शिक्षको के द्वारा कलम के बजाय झाड़ू पकड़ा दिया जा रहा है...... इस विद्यालय में तैनात शिक्षिका ज्योति 9 बजे के बजाय 9:40 बजे विद्यालय पहुची..... विद्यालय पहुचते ही शिक्षिका ने बच्चों से पहले चटाई साफ कराने लगी...... इसके बाद बच्चों से झाड़ू लगवाया जा रहा है...... इतना ही नहीं उक्त विद्यालय के प्राध्यानाध्यापक बिना पत्र व्यवहार पर चढ़ाये ही गायब मिले...... इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन मासूम बच्चों का भविष्य किस तरह उज्जवल होगा...... इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद इन शिक्षको के खिलाफ कार्यवाई होता है या नहीं यह तो भविष्य के गर्त में है......।
इस मामले में प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश गुप्ता ने वही पुरानी रटी-रटाई जवाब देकर कोरमपूर्ति करते नजर आये..... उन्होंने बताया कि मामला काफी गंभीर है मौके पर एनपीआरसी को भेज कर जाँच कराई जा रही है..... जाँच में मामला सही पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई की जायेगी....।
रिपोर्ट - एस एन पाण्डेय

Post a Comment