सिद्धार्थनगर- सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ में उपजिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने शिकायत के आधार पर एक फर्जी शिक्षक को पकड़ने में सफलता पाई है। यह जालसाज शिक्षक बीते 9 वर्षो से जूनियर हाई स्कूल में सेवाएं दे रहा था। पकडा गया जालसाज़ शिक्षक सचिवालय में तैनात समीक्षा अधिकारी के कागज़ात लगाकर नौकरी पाई थी।
सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की भरमार है, इन जालसाज़ शिक्षकों का चयन विभागीय अधिकारियो की मिलीभगत से किया गया है। जिसकी वजह से जिले में भारी संख्या में जालसाज़ शिक्षक मजे से सरकारी नौकरी कर रहे है। यह खुलासा हुआ है लखनऊ में तैनात समीक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश की शिकायत के आधार पर। जिसके शैक्षिक प्रमाणपत्रो के आधार पर जिले में एक युवक शिक्षक बनकर नौकरी कर रहा था। यह युवक शोहरतगढ़ बीआरसी के आधीन चेतरा जूनियर हाई स्कूल में कार्यरत था। इस जालसाज़ शिक्षक का नाम अमित कुमार शर्मा है । यह फर्जी शिक्षक बीते 2009 से जिले में तैनात था। इसके शैक्षिक प्रमाणपत्रो की जांच में पाया गया कि यह प्रमाणपत्र सचिवालय में तैनात समीक्षा अधिकारी चन्द्रप्रकाश के है। जो बलिया के मूल निवासी है और लखनऊ में स्थित सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात है। जबकि फर्जी शिक्षक गोरखपुर का निवासी अमित कुमार शर्मा है। जांच में फर्जी शिक्षक ने स्वीकार किया की उसे यह प्रमाणपत्र कही से मिले थे, जिसके आधार पर उसने यह नौकरी पाई है। जांच में स्पष्ट होने के बाद उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शोहरतगढ़ के उपजिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जांच में फर्जी शिक्षक को पकड़ने के बाद जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद बीएसए रामसिंह ने इस जालसाज़ शिक्षक के खिलाफ चिल्हिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा विभाग में जालसाज़ शिक्षकों की भरमार है, यह मामला तो शिकायतकर्ता के सज्ञान में आ गया। लेकिन अभी भी भारी संख्या में जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हथियाने वाले मजे से नौकरी कर रहे है। जबकि योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार टहल रहे है। अब देखने की बात यह है कि जालसाज़ अध्यापको के खिलाफ विभाग कब जांच करके उनके खिलाफ सवैधानिक कार्यवाही करेंगा। यह तो आने वाले समय में देखने को मिलेगा।..?
रिपोर्ट- कमलेश कुमार,
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