जौनपुर- जनपद जौनपुर में कल एक विडियो वायरल हुआ जिसे सोशल मीडिया पर यह कहकर भेजा जाने लगा की अज्जू भईया मुंगरा बादशाहपुर के तरहठी में झगड़ा करवाने पहुंचे जहाँ लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया. रातो-रात पूरे मुंगरा बादशाहपुर क्षेत्र में यह विडियो चर्चा का विषय बन गया, किन्तु हकीकत इससे कुछ अलग ही थी. "पी न्यूज़ " ने इस मामले पर गहन जांच पड़ताल की तो झूठ का पदाफाश हो गया. "पी न्यूज़" के स्थानीय संवाददताओं ने पुष्टि की कि अज्जू भईया अपने काफिले के साथ क्षेत्र के एक निमत्रण से वापस आ रहे थे, तरहठी में रास्ते के बीचो-बीच दो पक्ष आपस में झगड़ा कर रहे थे, जहाँ सैकड़ों की भीड़ जमा थी. अज्जू भईया की गाडी के चालक ने हॉर्न बजाया किन्तु भीड़ पर उसका कुछ भी असर नहीं हुआ. मानवतावस् अज्जू भईया अपनी गाड़ी से उतरे और दोनों पक्षों को समझाने बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन जिस पक्ष को वह समझाना चाह रहे थे वह पक्ष आवेश में कुछ अलग ही समझ रहा था, उसने सोचा की विपक्षी ने तुरंत अज्जू भईया को फोन करके बुलाया है और उनके लोग यहाँ लड़ाई करने आये हैं, जिसके कारण उसने अज्जू भईया से कहा की हम लोग आपस में समझ लेंगे, आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है. बस इसके बाद ही अज्जू भईया के सुरक्षागार्डों ने रास्ता खाली कराया और अज्जू भईया का काफिला वहां से निकल गया. बस इसी मौके का किसी विरोधी ने फायदा उठाया और अज्जू भैया के जाने का विडियो बना कर वायरल कर दिया. विडियो में यह साफ़ देखा जा सकता है की अज्जू भैया अपने सुरक्षा गार्डों से चलने को कह रहे हैं और गाड़ी में बैठ कर चल दिए. इस दौरान कहीं भी ऐसा नहीं दिखा की अज्जू भईया के साथ तू-तू, मै-मैं भी हुआ हो;
आपको बताते चलें की अज्जू भईया कांग्रेस-सपा गठबंधन से विधानसभा प्रत्यासी थे, चुनाव हार जाने के बाद भी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता जरा भी कम नहीं हुई है, और न ही अज्जू भईया ने क्षेत्र ने क्षेत्र में अपनी मौजूदगी कम की है, अज्जू भैया लगातार क्षेत्र में सुख-दुःख के साथी बने रहते हैं और हर गरीब-परेशान तबके की मदद को तैयार रहते हैं. बस उनकी यही पहचान विरोधियों को चैन की नीद सोने नही देती. विडियो बनाकर यह अफवाह फैलाना विरोधियों की शाजिश का एक हिस्सा है. आप ही सोचिये की विधान सभा चुनाव से आज तक किसी भी लड़ाई झगडे में अज्जू भईया कहीं गए हैं? चाहे लड़ाई करने वाला उनका कार्यकर्ताओं ही क्यूँ न हो? दूसरी बात जहाँ उनकी कोई जमीन नहीं, कोई सगा-सम्बन्धी नहीं, वहां वह किसके लिए लड़ाई करने जायेंगे? लड़ने वाले दोनों पक्ष अज्जू भईया के लिए बराबर ही थे, दोनों मुंगरा विधानसभा के थे और दोनों पक्ष मतदाता थे, ऐसे में कोई नेता स्वतः जाकर लड़ाई करेगा? ऐसा सोचने वाले या साजिश करने वाले मात्र मूर्ख कहे जायेंगे. और रही बात अज्जू भईया की तो उनकी पहचान और उनकी पकड़ से पूरा जौनपुर वाकिफ है, उन्हें किसी से सीधे लड़ने की क्या जरुरत? फिलहाल विरोधियों को एक मौका मिला था बदनाम करने का लेकिन "पी न्यूज़" की पड़ताल के बाद शायद यह मौका बेकार हो जाय, फ़िलहाल मुंगरा बादशाहपुर के युवाओं के दिल में अज्जू भईया की तस्वीर साफ़ है, किसी की शाजिस शायद ही कामयाब हो सके;
रिपोर्ट- पंकज त्रिपाठी
"पी न्यूज़" जौनपुर,
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