बहराइच-एक ओर प्रदेश की योगी सरकार चुस्त दुरुस्त कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को हिदायत दे दी है वहीं दूसरी ओर बहराइच जिले के कप्तान सभाराज योगी के आदेशों को सारे आम ठेंगा दिखा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक बहराइच ने जमकर तबादला नीति की धाज़ियाँ उड़ाई और थानेदरों को पुनः उसी कुर्सी पर बैठा दिया जहां से तत्कालीन एसपी जुगुल किशोर ने तस्करी कराने और रिस्वत खोरी के आरोप में तबादला किया था।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों एसपी बहराइच सभाराज ने रिस्वत खोर थानेदरों को उसी थाने का प्रभार सौंप दिया जहां से इन्हें हटाया गया था।
जिले मेंपुलिस अधीक्षक बहराइच सभाराज ने 17 जुलाई को कई थानेदरों का तबादला किया उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए थाने दारों का तबादला किया गया है।
बहराइच जिले के तत्कालीन एसपी जुगुल किशोर ने रुपईडीहा थाने पर तैनात रहे प्रभारी निरीक्षक आलोक राव को रिस्वत लेने व तस्करों को बढ़ावा देने के आरोप में तबादला कर कोतवाली देहात भेज दिया था मगर एसपी बहराइच जुगुल किशोर का तबादला होने के बाद बहराइच की कमान एसपी सभाराज को सौंप दी गई।
जिले में नए एसपी के आने के बाद से ही जिन मलाईदार थानों से हटाए गये थानेदार पुनः उसी थाने पर आने की जुगत में लगे रहे। और आखिरकार एसपी के ऊपर ये थानेदार भारी रहे और पुनः उसी थानों पर अपनी पोस्टिंग कराने में सफल रहे।
रिपोर्ट -राज कुमार
Post a Comment