बहराइच- जनपद बहराइच में खाकी का एक काला कारनामा सामने आया है यहाँ एक शख्स के संदिग्ध हालात में मिले शव पर तेज़ाब और चाकुओं के निशान को देख परिजन हत्या की बात चिल्लाते रहे लेकिन पुलिस ने इसे हादसा बता केस दर्ज करना तक मुनासिब नहीं समझा;
मामला कतार्नियाघाट जंगलों से सटे मोतीपुर थाने का है. जहाँ थाने से न्याय न मिलने पर परिजनों ने डीएम व एसपी का दरवाज़ा खटखटाया तब जाकर लगभग 15 दिन के बाद मुकदमा दर्ज किया गया जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव के आदेश के बाद शव को क़ब्र से खुदवा कर उसका पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है ताकि मामले की हकीकत से पर्दा उठाया जा सके वही अपनी गर्दन फसती देख पुलिस भी हर मुमकिन कोशिशों में जुट गई है वहीँ परिजनों का आरोप है की पुलिस की तरफ से लगातार 3 लाख रुपये लेकर मामले में सुलह हो जाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि अपने बेटे को खो चुकी माँ इन्साफ चाह रही है।
आपको बता दें की जनपद बहराइच के .थाना मोतीपुर इलाके के विश्रामपुर निवासी बाबू खा का शव जंगल में वन चौकी से करीब 150 मीटर की दुरी पर पेड़ के निचे दबा पड़ा मिला था जानकारी के मुताबिक मृतक को उसका बहनोई काम का बहाना करके बुला ले गया था जिसके बाद आरोपी बहनोई तो घर वापस आ गया लेकिन मृतक नहीं आया पूछने पर उसने जंगल में रुक जाने की बात बताई रात भर घर न पहुचने पर जब परिजन आरोपी से सवाल जवाब करने लगे तो उसने जंगल में ढूढ़ने की बात कहते हुए खुद ही सबको शव के पास लेकर गया मौके पर शव देख पुलिस को सुचना दी गई, परिजनों का आरोप है की थाने की पुलिस ने बिना किसी जांच के पेड़ गिरने से दबकर मौत की बात कहते हुए शव परिजनों को सौप दिया लेकिन अंतिम संस्कार से पहले शव को नहलाया गया तो पता चला की शरीर पर चाकुओं के निशान हैं और चेहरे को तेज़ाब से जलाया गया है जिससे शव की आँखें तक बह गई थी.शव की हालत से हत्या का शक गहराने पर पुलिस को सुचना दी गई लेकिन न तो कोई मौके पर पंहुचा और न ही कोई कार्रवाई की गई लिहाज़ा मजबूरन शव को दफना दिया गया. मौत की ख़बर सुनकर मुम्बई में कमाने गया भाई जब लौटा तो सारा हाल जानने के बाद 14 जून को मोतीपुर थाने में लिखित तहरीर देने की कोशिश की लेकिन उसकी तहरीर लिए बिना ही भगा दिया गया. थाने से मिली दुत्कार के बावजूद पीडित परिवार ने न्याय की आस नहीं छोड़ी और डीएम व एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाईं.जब आलाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया तो आनन फानन में 15 दिनों के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया और डीएम के आदेश पर शव को क़ब्र से निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मामले के तूल पकड़ता देख सभी अपनी अपनी गर्दन बचाते फिर रहे हैं जहाँ एक ओर आरोपी पीडित परिवार को डरा धमका कर सुलह लगाने का दबाव बना रहे हैं तो वही पुलिस पैसों का लालच देकर पीछे हटने का दबाव बना रही है.मृतक की माँ के मुताबिक थाने से आये दरोगा जी ने 3 लाख रुपये लेकर सुलह कर लेने की बात कही लेकिन बेटे को खो चुकी माँ इन्साफ मांग रही है.परिजनों का आरोप है की इलाकाई पुलिस शुरुआत से आरोपियों से मिली हुई है इसीलिए न तो शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और न ही मुकदमा दर्ज किया गया।
जिले की पुलिस पर लग रहे लगातार आरोप प्रदेश सरकार की मंशाओं की धज्जियाँ तो उड़ा ही रहे हैं साथ ही पुलिस मुखिया डीजीपी ओ पी सिंह के उन बयानों को भी धता बता रहे हैं जिनमे वो बार बार पीड़ितों को तत्काल राहत देने की बातें करते नज़र आते हैं।
रिपोर्ट- राज कुमार श्रीवास्तव,
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