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बहराइच/रुपईडीहा- जनपद में धड़ल्ले से झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकाने सजाये आमजन की ज़िन्दगियों से इलाज के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य महकमा है की नींद से जागने को तैयार ही नहीं है अभी  दो दिन पहले ही सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जिला अस्पताल का औचक निरिक्षण करके गए हैं लेकिन उनका दौरा कितना बेअसर है इसका अंदाज़ा आप इसी से लगा लें की दौरे के दूसरे ही दिन एक झोलाछाप डॉ ने इलाज के नाम पर एक युवक की जान ले ली.मामला थाना रुपईडीहा इलाके का है जहाँ उल्टी से पीड़ित 31 वर्षीय युवक को झोलाछाप ने नशे की हालत में ऐसा इंजेक्श लगाया की वो दुबारा उठ तक न पाया.मृतक के परिजनों ने झोलाछाप डॉ के विरुद्ध थाने नामजद तहरीर तो दे दी है लेकिन इलाकाई पुलिस पुरे मामले पर लीपापोती करती नज़र आ रही है हलाकि पुलिस ने शव की पीएम तो करवा लिया है लेकिन किसी भी तरह की तहरीर मिलने से इनकार कर रही हैं।



 जानकारी के मुताबिक थाना खैरिघाट इलाके के इमामगंज का रहने वाला नदीम पेशे से दिहाड़ी मज़दूर था कुछ दिन पहले मृतक अपने थाना रुपइडिहा इलाके के सुमेरपुर में रहने वाले अपने फूफा के वहां उनके निर्माणाधीन मकान में मज़दूरी करने गया था.22 जून को जब वो दिनभर मज़दूरी करके शाम को बैठा तो उसकी तबियत बिगड़ने लगी और उसको अचानक सर में दर्द और उलटी आने लगी.आरोप है की जब परिजन उसे नानपारा ले जाने के लिए गाडी का इंतज़ार कर रहे थे की तभी वहां का झोलाछाप डॉ सुधीर सिंह आ गया और उसे ठीक कर देने का आश्वासन देते हुए इलाज करने की बात कही जिस पर और इलाज शुरू कर दिया.प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डॉ में ताबड़तोड़ 4 इंजेक्शन मरीज़ के लगा दिए जिससे वो तुरंत बेहोश हो गया.बिगड़ी हालत देख परिजन उसे सीएचसी में लाये जहाँ से उसे जिला अस्पताल रेफेर कर दिया गया लेकिन मरीज़ की ख़राब हालत देखते हुए यहाँ के डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर लिए और लखनऊ ले जाने की सलाह दी लेकिन जबतक उसे लखनऊ ले जाया जाता उसने दम तोड़ दिया.परिजनों का आरोप है की झोलाछाप डॉ के इलाज से ही उसकी जान गई है उनका ये भी कहना है की आरोपी डॉक्टर नशे की हालत में मरीजों का इलाज करता है।


 वही इस इस पुरे मामले पर अब पुलिस पर्दा डालने की फिराक में लगी हुई है  मृतक के परिजनों ने रुपईडीहा थाने में डॉ के खिलाफ नामजद तहरीर दी है, जिसपर पुलिस ने शव का पीएम करवा लिया है लेकिन अभी तक झोलाछाप को गिरफ्तार करने की ज़हमत नहीं उठाई, यहाँ तक की रुपईडीहा पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की तहरीर मिलने से भी साफ़ इनकार कर रही है.इससे साफ़ है की कही न कही जिले में संचालित झोलाछापों की जानलेवा दुकाने पुलिस और स्वास्थ्य महकमें की मिलीभगत से खूब फलफूल रही है और गरीबों की जान से खिलवाड़ हो रहा हैं।

रिपोर्ट- राज कुमार श्रीवास्तव,

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