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लखनऊ- समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता आजम खां ने ताजमहल को लेकर बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव के साथ ही मुलायम सिंह यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा के अन्य बड़े नेताओं ने मुझे बताया है कि ताजमहल पुराना शिव मंदिर है। अगर योगी जी ताजमहल को तोड़कर शिव मंदिर बनवाएंगे तो मैं भी उनका पूरा साथ दूंगा।
आजम खां ने कहा कि अगर ताजमहल को तोड़कर विवादित स्थल पर सीएम योगी आदित्यनाथ भगवान शिव का भी मंदिर बनाएंगे। तो, वहां पर दूसरा फावड़ा मैं मारूंगा। आजम खां ने कहा कि वह तो हमारे देश में गुलामी की निशानी ताजमहल को तोडऩे में सीएम योगी आदित्यनाथ की पूरी मदद करेंगे। आजम खां ने कहा कि ताजमहल को तोडऩे के लिए पहला हथौड़ा तो सीएम योगी आदित्यनाथ को मारना होगा। इसके बाद मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा। आजम खां का कहना है कि उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है। इससे पहले भी आजम खां ताजमहल को तोडऩे की बात कर चुके हैं। खां ने कहा कि शिवजी का मंदिर शिवजी का मंदिर बने। ऐसा एक मुसलमान कह रहा है जो अपने साथ 10-20 हजार मुसलमानों को लेकर योगी आदित्यनाथ जी के साथ चलेगा और वहां पहला फावड़ा योगी जी मारेंगे, दूसरा फावड़ा मैं मारूंगा। आजम खां कहा कि ताजमहल गुलामी की निशानी है और उसे गिरा देना चाहिए। योगी जी से कंधे से कंधा मिलाकर। पहला फावड़ा योगी जी मारेंगे, दूसरा मैं मारूंगा। क्यों खड़ी रहे ये गुलामी की निशानी।
आजम खां ताजमहल को लेकर अक्सर आरएसएस और भाजपा पर तंज कसते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई बार इसे गिराने की बात कही है। आजम खां ने अरएसएस से चुटकी लेते हुए कहा था कि राम मंदिर बनाने से पहले इन लोगों ने ताजमहल को तोडऩे की बात की थी। यह लोग ताजमहल को तोड़कर शिव मंदिर बनाएं, हम इनका साथ देंगे। सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खां ने कहा चुनाव करीब आ गया है। इसी कारण सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है। हम कोई निराले नहीं है। यह तो सीक्रेट एक्शन होता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी। इसी कारण वीडियो उन्होंने जारी कर दिया है।
संत कबीर की मजार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का टोपी पहनने से मना कर देने पर आजम खां ने तंज कसते हुए कहा कि हज और उमरे पर टोपी नहीं पहनी जाती। इसी कारण योगी जी की नियत यह होगी कि वो हज ओर उमरा कर रहे है। जबरदस्ती टोपी उड़ाने की बात ही सही नहीं है। उन्होंने कहा कि संत कबीर दास के मजार पर टोपी पहनकर जाना कोई तुक की बात नहीं है। वो धार्मिक संत नहीं थे, वो सिर्फ अच्छे कवि थे।
रिपोर्ट- राज सिंह,

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