भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार लाख जतन कर ले लेकिन बेलगाम हो चुके कर्मचारियों और अधिकारियों पर इसका कोई भी असर देखने को नहीं मिल रहा है बिना सुविधा शुल्क लिए ना तो फ़ाइल आगे बढ़ती है और ना ही उस पर दस्तख़त ही होते हैं अधिकारियों कर्मचारियों का हाल यह है कि बिना पैसे लिए कोई काम करने को तैयार नहीं है।
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील में तैनात कानूनगो रजिस्ट्रार रमापति तिवारी एक गरीब व्यक्ति से खतौनी में नाम की गलती सुधारने के नाम पर घूस लेते हुए कैमरे में कैद हो गए हैं। रामराज नामक गरीब व्यक्ति कई दिनों से खतौनी में नाम सही कराने के लिए तहसील में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो के ऑफिस के चक्कर लगा रहा था लेकिन उसका काम अटका ही रहा काफी परेशान होने के बाद रामराज ने इसका कारण पूछा तो रजिस्ट्रार ने रामराज से रुपए की डिमांड की। रामराज ने रुपए का इंतजाम तो कर लिया लेकिन कानूनगो रजिस्ट्रार को सबक सिखाने के लिए उसने उसका वीडियो भी बना लिया वीडियो क्लिप में कानूनगो रजिस्टर पैसा लेते हुए साफ देखे जा रहे हैं लेकिन बेशर्मी इतनी की पैसे लेने की बात तो स्वीकार करते हैं लेकिन गरीब व्यक्ति को अपना रिश्तेदार बताकर अपने किए पर पर्दा डालते हुए मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं इस मामले में जब जिले के जिला अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई उन्होंने इस मामले मे कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया । इतने ठोस सबूत के बाद क्या जिले के जिला अधिकारी या प्रशासन अगर कोई कार्यवाही इन भ्रष्ट कर्मचारियों अधिकारियों पर नही करता है तो गरीबों को न्याय कैसे मिलेगा और भरस्ट लोगो पर लगाम कैसे लगेगा यह बड़ा सवाल है।
कमलेश मिश्रा
कमलेश मिश्रा
Post a Comment