जानकारी के अनुसार लालाभदसारा गांव में श्रीराम जानकी मठ के सात बीघा जमीन को लेकर लगभग 28 वर्ष से विवाद चल रहा है। बुधवार को आशनारायण मिस्त्री अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ छोटकी खड़वा गांव से एक श्राद्धकर्म में शामिल होकर लौट रहे थे। तभी रास्ते में सरकारी विद्यालय के चारदीवारी के पास घात लगा कर बैठे अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आश के हाथ और सीने में गोली लग गई। गोलियों की आवाज सुन मौके कुछ लोग मौके पर पहुंचे और उसे जख्मी हालत में दुल्हिन बाजार पीएचसी लाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत पर यकीन नहीं होने पर स्थानीय लोग उसे लेकर पीएमसीएच लाये। यहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
आधार कार्ड से पहचान में जुटी पुलिस
छानबीन कर रही पुलिस को घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक और डेड बॉडी मिली है। हालांकि गांव के लोग उसकी पहचान नहीं कर सके। उसे भी गोली लगी थी। मृतक के पॉकेट में एक आधार कार्ड मिला है। आधार कार्ड पर पटना के रुकनपुरा का पता लिखा था और नाम चंदन कुमार। आधार कार्ड की फोटो से उसकी फोटो नहीं मिल रही है। हालाकि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
पिछले साल भी हुए थे कई लोग घायल
लालाभदसारा गाव में श्री रामजानकी मठ के सात बीघा जमीन को लेकर रामसुभग महतो, दिनेश वर्मा और दूसरे पक्ष के महंत स्व: सियाराम दास उर्फ भुजाली मिस्त्री के पुत्र आशनारायण मिस्त्री, टोकनारायण मिस्त्री के बीच करीब 28 वर्षो से विवाद चल रहा है। 18 वर्ष पूर्व में भी इसी जमीन के विवाद में तीन हत्या हो चुकी हैं। खरीफ व रबी दोनों फसलों के बुआई और कटाई में अपना वर्चस्व दिखाने में दर्जनों चक्र फायरिंग करते हैं। पिछले वर्ष ही कई लोग घायल हुए थे।

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