मालेगांव (पीटीआई)। देश में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। कर्ज में डूबे किसानों को सरकार आश्वासन तो देती है, लेकिन नतीजा उनकी आत्महत्या के आंकडों में देखा जा सकता है। नासिक जिले में शुक्रवार को कर्ज और वित्तीय घाटा के चलते दो और किसानों ने आत्महत्या कर ली।
उत्तर महाराष्ट्र जिले के मालेगांव और देवला तालुका से गुरुवार को इन किसानों की आत्महत्या की सूचना मिली थी। साउदाने गांव के रहने वाले माधु करारी ने अपने घर में जहर खा लिया। परिवार वालों ने उन्हें फौरन प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने बताया, '57 साल के किसान कर्ज के चलते काफी दिनों से परेशान चल रहे थे। वहीं दूसरी घटना दोंगरगांव के रहने वाले 38 साल के विठ्ठल अहिरे की है, जिन्होंने घर में फांसी लगाकर आत्हत्या कर ली। विठ्ठल ने लोकल कॉपरेटिव सोसाइटी से 70,000 रुपये का लोन लिया था, जिसे चुकाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। दोनों किसानों को प्याज की फसल में भी भारी नुकसान हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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