लखनऊ - उत्तर प्रदेश में राजनितिक भूचाल ने जहाँ सपा बसपा एवं अन्य विरोधी पार्टियों को दफ़न कर दिया वहीँ पर भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री की घोषणा उत्तर प्रदेश में एक नया भूचाल ला सकती है , अमित शाह के आवास पर 5 राज्यों के चुनाव परिणाम पर चर्चा चल रही है जिसमे मुख्यमंत्री पद के लिए भी चर्चा होगी. माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं जिन्हें राजनाथ सिंह एवं अमित शाह खुद अनुमोदित कर सकते है . "पी न्यूज़" टीम के अनुसार उत्तर प्रदेश में 150 से ज्यादा विधायक अंदरूनी तौर पर योगी को पसंद करते है जिसका एक यह भी कारण है की उत्तर प्रदेश में मोदी के बाद किसी की जनसभा प्रभावशाली रही है तो वह है योगी आदित्यनाथ की . योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जमकर चुनाव प्रचार किया जिसका परिणाम भाजपा के लिए बेहद सुखद रहा, पश्चिमी यूपी में योगी के उठाये मुद्दे जैसे , मुज़फ्फरनगर दंगा, सहारनपुर दंगा, घर वापसी, तीन तलाक आदि काफी हद तक सफल रहे क्योंकि पश्चिम की जनता योगी पर जमकर विश्वास करती है, जिसका एकमात्र कारण है की किसी भी दंगे में या समस्याओं में योगी का सबसे पहले पहुंचना और जमीनी स्तर पर कार्य करना . योगी पूर्ण हिंदुत्ववादी चेहरा है इससे इनकार नहीं किया जा सकता और मोदी को भी आम जनता लोकसभा चुनाव से पहले पूर्ण हिन्दुत्ववादी देखकर ही भीषण मतदान किया था. हिन्दुत्ववादी होने के कारण योगी आरएसएस और विहिप के नेताओं के भी प्रिय हैं. यूपी सीएम पद के लिए योगी का समर्थन आरएसएस और विहिप भी करेगी . उत्तर प्रदेश की जनता ने भी योगी को अधिकतर पसंद किया है क्योंकि मोदी शाह और सभी बड़े नेताओं की जनसभा में योगी को सीएम बनाने की मांग उठ चुकी है . फ़िलहाल आज इस पर भाजपा की संसदीय बोर्ड मंथन कर रही है लेकिन ज्यादातर परिणाम योगी के पक्ष में जाने के आसार है , लेकिन कुछ आश्चर्यजनक भी हो जाय तो कहा नहीं जा सकता क्योंकि मोदी का हर काम आश्चर्य जनक ही होता है . हो सकता है की स्मृति इरानी या मनोज सिन्हा को भी ताज पहनाया जा सकता है .

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